बारानी जमीन पर ग्वार में जड़गलन और उखेड़ा गंभीर समस्या, बीज उपचार उपाय
गांव धवाना में बुधवार को ग्वार की फसल के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्र के किसानों ने हिस्सा लिया।
ग्वार विशेषज्ञ डॉ. बीडी यादव ने कहा कि बारानी क्षेत्र में ग्वार महत्वपूर्ण फसल है। बारानी व हल्की जमीन में ग्वार फसल में जड़गलन व उखेड़ा एक गंभीर समस्या हैं, जो किसानों के लिए चिंता का विषय हैं। इससे 25 से 60 प्रतिशत फसल अपने आप नष्ट हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ग्वार की फसल में नुकसान हो गया था। किसानों को रोकथाम के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। इस बीमारी को रोकथाम के लिए केवल 15 रुपए के बीज उपचार से छुटकारा मिल जाता हैं। यादव ने कहा कि जड़गलन रोग की फंगस जमीन में ही पनपती हैं। जिसके प्रकोप से जड़े काली पड़ने से पौधे मरने लग जाते हैं। किसानों को बताया कि पत्ते पीले पड़ने लग जाते हैं। इस बीमारी के कीटाणु जमीन के अंदर ही होते हैं। इसलिए पौधे पर स्प्रे करने से कोई फायदा नहीं होता है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि उखेड़ा रोग के लिए स्प्रे न करें। बीमारी की रोकथाम के लिए बीज उपचार ही उपाय हैं। इस मौके पर सरपंच बीर सिंह, पूर्व सरपंच चरण सिंह, राव गजराज सिंह, रामनिवास, सतीश व महाबीर आदि मौजूद रहे।
रेवाड़ी. गांव धवाना में शिविर में किसानो को ग्वार की फसल की जानकारी देते कृषि अधिकारी।