कुंडहित बाघाशोला जामा मस्जिद के ईमाम मौलाना इकबाल ने रमजान के फजीलत पर कहा कि रमजान मुबारक अल्लाह का खास महीना है। इस महीने में अल्लाह का खास करम होता है। अल्लाह ने इस महीने को तीन हिस्से में बांटा है। पहला हिस्सा रहमत दस दिनों का, दूसरा हिस्सा बरकत यानी हर काम में ईजाफा तीसरा हिस्सा मागफिरत यानी अपनी गुनाहों से माफी मांगने का समय होता है। मौलाना इकबाल ने कहा कि इसी महीने में अल्लाह ने कुरान शरीफ को इस धरती पर उतारा। रमजान महीने के 27 वीं रात को कुरान शरीफ को नाजिल किया। अल्लाह कहते है कि इस महीने की 27 वीं रात एक ऐसी रात है जो अपनी इबादत से अल्लाह को खुश करने से अल्लाह उनकी हर गुनाहों को माफ कर देते हैं।
कहा कि इस महीने में जकात व फितरा निकालना वाजिब है। हर मालदार को अपने दौलत का ढाई फीसदी जकात में निकालना जरुरी होता है। वहीं हर सदस्य को फितरा देना वाजिब होता है। ईद की नमाज के पहले तक फितरा निकालना जरुरी है। ऐसा नहीं करने पर रोजा आसमान व जमीन के बीच लटकता रहता है। इसलिए हर रोजेदार को इस महीने के हर खास चीजों को ध्यान देना चाहिए।