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- कभी भी घृणा को घृणा से खत्म नहीं किया जा सकता। घृणा प्यार से कम होती है। यह एक अटल नियम है। बुद्धा
कभी भी घृणा को घृणा से खत्म नहीं किया जा सकता। घृणा प्यार से कम होती है। यह एक अटल नियम है। -बुद्धा
कुनकुरी पत्थलगांव कांसाबेल पतराटोली फरसाबहार तपकरा
पप्पू- एक केला कितने का है भाई? दुकानवाला- दस रुपए का है पप्पू- चार रुपए में देदे। दुकानवाला- चार रुपए में छिलका दूंगा। पप्पू- ये ले छह रुपए सिर्फ केला देदे छिलका तू रख ले।