स्थानीय पीर बाबा हकीम शाह चिंताहरण महादेव मंदिर में वार्षिक समागम करवाया गया। इस अवसर पर धार्मिक समागम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर अपनी हाजरी लगवाई। इस अवसर पर कव्वाल पार्टियों ने सूफी कव्वालियों के साथ संगत को निहाल किया।
महंत राम नारायण गिरी की देखरेख में करवाए गए इस धार्मिक समागम के दौरान पहले रामायण के पाठ के भोग डाले गए। जिसके उपरांत भजन मंडलियों ने धार्मिक प्रोग्राम पेश करते हुए आई हुई संगत को निहाल किया। इसी दौरान स्थानीय प्राचीन डेरा बाबा गोसाईं आणा के महंत धनराज गिरी ने समागम में पहुंचकर संगत को आर्शीर्वाद दिया तथा सरबत के भले के लिए सभी को आगे आने की अपील भी की।
उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खात्मे के लिए य| करने की अपील की है। इससे ही आपसी भाईचारे में और इजाफा भी होगा। इस अवसर पर राणा हरमेश कुमार ने पीर हकीम शाह की दरगाह पर चादर चढ़ाने की रस्म अदा की। इस अवसर पर कई कव्वाल पार्टियों ने सूफी कव्वालियों के साथ संगत को निहाल किया। करामात अली एंड पार्टी द्वारा पेश की कव्वालियों पर संगत मस्ती में झूम उठी। इसके अतिरिक्त इस समागम में बड़ी संख्या में साधू संत पहुंचे थे। समागम के दौरान विशाल लंगर भी लगाया गया।