भागोवाल के किसान बाइपास के साथ लगती जगहों से खोदी मिट्टी को दिखाते हुए।
सिटी रिपोर्टर | कुराली
गांव भागोवाल में निर्माण के अधीन कुराली बाइपास प्रोजेक्ट के चल रहे कार्यों के दौरान खेतों के साथ लगती जमीन में से काफी गहरी मिट्टी खोदने के कारण गांव के किसानों में रोष पाया जा रहा है। खेतों और फसलों के नुकसान होने के खतरे के कारण परेशान गांव के किसानों ने इस संबंधी कार्रवाई की मांग की है।
भागोवाल में से निकलते कुराली बाइपास के निर्माण के दौरान खोदी गई मिट्टी को दिखाते हुए गांव के किसानों जसविन्द्र सिंह, रणजोध सिंह, कुलविन्द्र सिंह, आकाशदीप सिंह, गुरविन्द्र सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि निर्माण कंपनी द्वारा सड़क के साथ-साथ वर्मोँ के लिए छोड़ी गई जगहों में से मिट्टी खोदकर सड़क के निर्माण में प्रयोग की जा रही है। सड़क के साथ-साथ खोदी मिट्टी दिखाते हुए किसानों ने कहा कि सड़क के वर्म बनाने के लिए 10 से 15 फुट चौड़ाई तक जगह छोड़ी गई थी। लेकिन इसमें से लगभग 4 फुट गहराई तक मिट्टी खोदी गई है। बाइपास की सड़क पहले ही जमीन से चार फुट ऊंची थी। किसानों ने बताया कि वर्माें में से मिट्टी खोदने के कारण सड़क की ऊंचाई लगभग 8 फुट हो गई है तथा सड़क के साथ पड़े ये गहरे गड्ढे हादसों का कारण बन कर लोगों की जान ले सकते हैं। वहीं, किसानों ने कहा कि ठेकेदार की ओर से सड़क में पड़ने वाली मिट्टी का खर्चा बचाने के लिए वर्माें में से बड़ी मात्रा में मिट्टी उठाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है और गांव के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। किसानों ने बताया कि उनके खेतों के साथ बने इन 8 फुट से ज्यादा गहरे गड्ढो में बरसात के दिनों में पानी भरने के कारण तालाब बना रहेगा, जिसके साथ हादसे का डर हमेशा लगा रहेगा।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त बरसात के दिनों में उनके खेतों की मिट्टी भी बह जाएगी। जिस कारण उनकी फसलों को नुकसान होगा। धान की फसल के सीजन में खेतों में पानी को रोक पाना भी मुश्किल ही हो जाएगा। यही नहीं कई जगहों पर बिजली के खंभों के साथ की मिट्टी भी खोद ली गई है तथा बिजली के खंभे के इर्द-गिर्द मिट्टी नाममात्र ही रह गई है तथा बारिशों के समय से यदि ये मिट्टी भी बह गई तो बिजली के खंभों को भी नुकसान हो सकता है। किसानों ने इस संबंधी जांच और कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में संपर्क करने पर एसडीएम चमकौर साहिब रूही दुग ने कहा कि इस मामले में अभी तक उनके पास प्रभावित किसानों की कोई भी शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि फिर भी लोगों की मांग और किसानों की समस्या को देखते हुए, वे मौका देखकर बनती कार्रवाई करेंगी।