पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मानसिक परेशान महिला का उपचार करने में जिला प्रशासन असमर्थ

मानसिक परेशान महिला का उपचार करने में जिला प्रशासन असमर्थ

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मानसिक तौर पर परेशान महिला को हाॅस्पिटल में दाखिल करने से बेवश हुए सेहत विभाग और शरण देने में विफल रहे जिला प्रशासन के बाद महिला को स्थानीय नगर काउंसिल के अंतर्गत आते गांव पडियाला के मंदबुद्धि और लावारिस केंद्र प्रभ आसरा ने शरण दी है। मोहाली पुलिस ने विभिन्न हाॅस्पिटलों के चक्कर लगाने के बाद महिला को स्थानीय नगर काउंसिल के अंतर्गत आते गांव पडियाला के प्रभ आसरा में दाखिल करवाया है। संस्था में पहुुंंची महिला की प्रभ आसरा में उपचार और सेवा संभाल की जा रही है।

कुराली के प्रभ आसरा में महिला को लेकर आई पुलिस पार्टी से इस संबंधी प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार मोहाली के इंडस्ट्रीयल एरिया के फेज 8 में मानसिक तौर पर परेशान महिला द्वारा वाहनों और इमारतों के शीशे तोड़ने की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंची थी। इसी दौरान इंडस्ट्रीयल एरिया की पुलिस चौकी की पार्टी ने मौके पर पहुंचकर महिला को काबू कर लिया। पुलिस पार्टी के अनुसार महिला आपे से बाहर हो रही थी। जिस कारण आधी दर्जन से ज्यादा पुलिस मुलाजिमों ने महिला को मुश्किल से काबू करके मोहाली के फेज 6 के अस्पताल में पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार फेज 6 के डाक्टरों ने महिला को मानसिक रोगियों की संभाल और उपचार के लिए सेक्टर-66 में बनाए गए सरकारी रिहेबलिटेशन अस्पताल में लेकर जाने के लिए कहकर अपना पीछा छुड़ा लिया। लेकिन, जब पुलिस पार्टी मानसिक तौर पर परेशान महिला को रिहेबलिटेशन हाॅस्पिटल में लेकर गई तो वहां डाक्टरों ने भी मानसिक रोगों के डाक्टर ना होने के बारे में कहकर महिला को वापस भेज दिया। इसी दौरान पुलिस पार्टी महिला को वापस फेज 6 के हाॅस्पिटल में ले आई। जहां महिला को कुराली के प्रभ आसरा में भेज दिया गया।

जहां संस्था के प्रबंधकों ने महिला को दाखिल करते हुए उसकी उपचार और देखभाल शुरू कर दी। संस्था के प्रबंधक रजिन्द्र कौर ने बताया कि महिला की हालत काफी खराब है। उन्होंने बताया कि यहां पहुंचने पर भी महिला पुलिस के हाथ से छूट कर सड़क की ओर भागी। लगभग 50 वर्ष आयु की महिला किसी भारी सदमें में लगती है। कुछ समय की सेवा संभाल के बाद उसने अपना नाम सुनीता देवी बताया है, लेकिन इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता रही है। संस्था में मानसिक रोगों के माहिर डाक्टरों की राय के अनुसार उसका उपचार शुरू कर दिया गया है और उसको अलग तौर पर रखकर, उसकी विशेष सेवा संभाल की जा रही है। इसी दौरान प्रभ आसरा के मुख्य सेवादार शमशेर सिंह ने सरकार और प्रशासन की दोहरी नीति पर हैरानी प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ तो प्रशासन द्वारा उनको नोटिस भेज कर परेशान किया जा रहा है और इमारत को गैर-कानूनी बताया जा रहा है। जबकि, दूसरी तरफ सरकार और प्रशासन स्वयं मानसिक रोगियों और लावारिसों को संभालने में विफल है।

खबरें और भी हैं...