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हाईवे पर निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ाने के लिए दिन में भी ट्रैफिक डायवर्शन की तैयारी

3 वर्ष पहले
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मोहाली-खरड़ हाईवे पर देसूमाजरा से खानपुर तक बनने वाले एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के चलते जहां हाईवे पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं वाहनों की भारी संख्या के कारण दिन में निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ऊपर ब्रिज का काम चल रहा है और नीचे से वाहनों को गुजरना जारी है। इंजीनियर्स को यहां काफी सावधानी से निर्माण कार्य करना पड़ रहा है। काम अब पिलरों से पियरकैप लगाने व पिलरों के बीच कॉलम (बीम) फिट करने तक पहुंच गया है। भारी काम तो रात के समय होता है, जबकि दिन में फिक्सिंग का काम होता है। काम में तेजी लाने के लिए निर्माण कंपनी एलएंडटी की ओर सेप्रशासन को इस हाईवे पर ट्रेफिक डायवर्शन करने के लिए लिखा गया है, ताकि हाईवे पर ट्रैफिक कम हो और दिन के समय भी काम तेजी से पूरा किया जा सके।

रात को ट्रैफिक बंद कर पिलर्स पर लिफ्टों से फिट होते हैं कॉलम: एलिवेटेड ब्रिज का काम ज्यादातर रात के समय किया जा रहा है। जिस एरिया में काम चल रहा है, उस एरिया का एक तरफ का ट्रैफिक रोक दिया जाता है। रात को चंडीगढ़ से आने वाला ट्रैफिक चलाया जाता है, जबकि चंडीगढ़ को जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां-सोहाना से मोहाली होता हुआ डायवर्ट किया जाता है। इस डायवर्शन के बाद रात को पिलर्स पर भारी क्रेन्स व लिफ्ट्स के जरिये पिलरों के दोनों ओर पियरकैप रखे जाते हैं, जिन्हें कई दिनों तक काम कर आपस में जोड़ा जाता है। फिर उन पर क्रेनों के जरिये करीब 100 टन भारी कॉलम्स फिट किए जाते हैं। इन्हें दिन में पक्का किया जाता है, फिर कॉलम्स के ऊपर प्लेट्स रखी जाती है, जिनके ऊपर लैंटर डाल मार्ग बनाया जाना है।

कॉलम लगाते समय नीचे से वाहनों का गुजरना खतरनाक: सबसे ज्यादा काम इस समय पिलरों के ऊपर पियरकैप, कॉलम और कॉलम से ऊपर प्लेट्स लगाने का काम खरड़ चौराहे से देसूमाजरा तक चल रहा है। इस मार्ग में कई महीने ऊपरी काम चलना है। जब प्लेट्स लगाने का काम पूरा हो जाएगा तो उसके बाद लैंटर डाल कर सड़क निर्माण का काम ही रह जाएगा। प्लेट्स डालने के बाद नीचे से वाहनों के गुजरने में कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन जब तक प्लेट्स नहीं डाली जाती और काम पियरकैप्स और कॉलम्स का ही किया जाना है, उस समय नीचे से वाहनों का गुजरना खतरनाक हो सकता है। इसलिए कुछ महीनों के लिए ट्रैफिक डायवर्शन की मांग की जा रही है।

ऊपर काम, नीचे गाड़ियां, एक वाहन हो चुका है डैमेज

फिक्सिंग का कंस्ट्रक्शन वर्क दिन में होता है। लेबर ऊपर फिक्सिंग का काम कर रही होती है आऔर नीचे वाहन गुजरते हैं। जहां काम चलता है, उसके नीचे कई जगह बैरिगेटस लगाकर ट्रेफिक को दूर किया जाता है और पिल्लर्स व कॉल्मस के आसपास जाली भी लगाई जाती है ताकि सामान नीचे न गिरे। फिर भी ऊपर से सामान नीचे गिरता है। ऊपर से गिरे सामान के कारण पिछले सप्ताह एक कार की विंड स्क्रीन टूट गई थी। अब निर्माण कार्य तेज होना है। ऐसे में नीचे से गुजरने वाले वाहनों को कुछ समय के लिए पूरी तरह से डायवर्ट करने की मांग एनएचएआई व कंपनी उठा रही है।

मोहाली सिविल अस्पताल रोड का डायवर्शन देने से प्रशासन का इनकार

खानपुर पुल से जालंधर-मनाली और लुधियाना से आने वाला पूरा ट्रैफिक गुजर कर चंडीगढ़ की ओर जाता है, जिस कारण खानपुर पुल से लेकर खरड़ मुख्य चौराहे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। लुधियाना आने-जाने वाला कुछ ट्रैफिक मोहाली की सिविल अस्पताल रोड से गुजरता रहता है। एलएंडटी कंपनी खरड़ चौराहे से खानपुर पुल तक के मार्ग को पूरी से ट्रैफिक फ्री करने के लिए सिविल अस्पताल मार्ग का डायवर्शन चाह रही है, जिसे प्रशासन ने देने से यह कह कर इनकार कर दिया कि ये मार्ग छोटा है और इस पर अस्पताल व स्कूल है।

कुराली-सिसवां और खरड़-लांडरां मार्ग से डायवर्शन पर विचार

ब्रिज निर्माण एरिया पर ट्रैफिक कम करने का एकमात्र हल ट्रैफिक डायवर्शन देखा जा रहा है। एनएचएआई जहां भी काम करती है, वहां ट्रैफिक डायवर्शन लेकर चलती है। जालंधर व मनाली से आने वाले ट्रैफिक को चंडीगढ़ के लिए कुराली से ही सिसवां-मुल्लांपुर मार्ग की ओर डायवर्शन देने से बड़ी राहत मिलेगी। हैवी ट्रेफिक को इस डायवर्शन से भेजने पर निर्माण एरिया में ट्रैफिक रश कम होगा। लुधियाना की ओर से मोरिंडा होकर आने वाले ट्रैफिक को चंडीगढ़ के लिए खरड़ चौराहे से लांडरां-सोहाना की ओर डायवर्शन देने पर विचार किया जा रहा है।

अफसर बोले

निर्माण कंपनी को हर तरह के सेफ्टी मेयर्स लेने के लिए कहा गया है। साथ ही डायवर्शन की मांग की गई है। डायवर्शन से काम में तेजी आएगी और कोई हादसा भी नहीं होगा। एनएचएआई सेफ्टी मेयर्स को मुख्य रख कर काम करती है। -केएल सचदेवा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया।

काम को तेज करने के लिए डायवर्शन की जरूरत है। वाहनों का आवागमन काम को प्रभावित कर रहा है। रात के समय वन साइड डायवर्शन की परमिशन है, जिसके चलते ही कुछ काम कर पाए हैं। दिन में डायवर्शन मिले तो काम और तेज होगा। अलोक नायक, प्रोजेक्ट मैनेजर एलएनटी।

सेफ्टी के लिए हर पहलू पर सोचा जाता है। कंपनी ने डायवर्शन के लिए सिविल अस्पताल रोड को चुना गया था, जिससे इनकार कर दिया गया है। सिसवां व लांडरां मार्ग को लेकर विचार किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई, कंपनी, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक करवाई जाएगी। -गुरप्रीत कौर सपरा, डीसी मोहाली।

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