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खरड़-कुराली हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज का काम अब 15 जुलाई तक होगा पूरा

खरड़ के खानपुर से लेकर कुराली के बनमाजरा तक की रोड को फोरलेन करने और कुराली शहर के ट्रैफिक रश से वाहन चालकों को बचाने...

Danik Bhaskar | Jun 25, 2018, 03:15 AM IST
खरड़ के खानपुर से लेकर कुराली के बनमाजरा तक की रोड को फोरलेन करने और कुराली शहर के ट्रैफिक रश से वाहन चालकों को बचाने के लिए कुराली बाइपास बनाया है। नेशनल हाइवे गार्डर अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस प्रोजेक्ट में कुराली बाइपास के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का रविवार को काम किया गया। इसके लिए रेलवे से तीन घंटे का ब्लॉक (तीन घंटे तक ट्रेन के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक) लेकर गांव ध्यानपुरा के पास रेलवे ओवरब्रिज के 6 गार्डर डाले गए हैं। इन गार्डरों को डालने के लिए पिछले दो महीनों से रेलवे के अंबाला डिविजन से परमिशन का इंतजार किया जा रहा था। अब मंगलवार को दोबारा से तीन घंटे का ब्लॉक लेकर ओवरब्रिज के दूसरे साइड के लिए गार्डर डाले जाएंगें। इसके बाद कुराली बाइपास को चालू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। निर्माण कंपनी एमजीसीपीएल के अनुसार गार्डर डालने के बाद स्लैब डाली जाएगी। नहाई के अनुसार 15 जुलाई तक कुराली बाइपास को चालू करने के लिए कंपनी को कहा गया है।

आरओबी के कारण बाइपास का काम लटका था: एनएचएआई की ओर से इस प्रोजेक्ट के कुराली बाइपास के हिस्से का काम तकरीबन कंपनी से पूरा करवा लिया है लेकिन इस बाइपास से रास्ते में मोरिंडा-कुराली रेलवे लाइन गुजरती है। जिस पर गांव ध्यानपुरा के पास आरओबी बनना है। इसका काम भी कंपनी एमजीपीसीएल ही देख रही है। रेलवे से ट्रेन को रोकने की परमिशन न मिलने के कारण काम अटका हुआ था।

तीन घंटे ट्रेन की आवाजाही बंद करके 6 गार्डर डाले : रविवार को रेलवे से तीन घंटे का ब्लॉक लिया गया, ताकि इस ट्रैक पर ट्रेन का आवागमन बंद रहे। इसी तीन घंटे मेंे एक साइड के रोड का पुल बनाने के लिए 6 लोहे के गार्डर डालने का काम बाद दोपहर शुरू कर पूरा किया था।

16 दिसंबर की डेडलाइन थी, अब 15 जुलाई का टारगेट: एनएचएआई का यह प्रोजेक्ट 16 दिसंबर 2017 को पूरा करनेे की डेडलाइन थी, लेकिन मिसिंग लैंड एक्यूजेशन में आई अड़चन और आरओबी के काम की परमिशन में हुई देरी से प्रोजेक्ट 6 महीने लेट हो गया है। अगर इस तरह की अड़चने न आती तो शायद काम समय पर पूरा हो जाता। अब दूसरी साइड के डालेंगे गार्डर: एनएचएआई के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर केएल सचदेवा ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज के लिए आज तीन घंटे का रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करने का समय मिला था। जिसमें एक साइड के रोड के 6 गार्डर डाले गए हैं। मंगलवार को दोबारा से ब्लॉक लेकर रोड के दूसरी साइड के गार्डर डाले जाएगे। 15 जुलाई तक काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


खरड़ से लेकर कुराली तक एरिया ऐसा इकलौता रोड है जो चंडीगढ़, हिमाचल और पंजाब के अधिकतर एरिया में आपस में जोड़ता है। इस कारण इस रोड पर सबसे अधिक ट्रैफिक रश रहता था। सिंगल रोड होने के कारण यहां पर वाहन चालक हर समय ट्रैफिक जाम में फंसे रहते थे। सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को उस समय आती थी यदि कोई वाहन बीच सड़क खराब हो जाए या फिर कोई हादसा हो जाए। उस समय तक जाम नहीं खुलता था जब तक पुलिस क्षतिग्रस्त वाहनों को साइड न कर दे। इस कारण काफी लंबे समय से इस मार्ग को चौड़ा करने व बाइपास बनाने की मांग थी।


98% काम पूरा, बाइपास का काम रोका आरओबी ने

इस प्रोजेक्ट का 98 परसेंट काम पूरा कर लिया गया है। सिर्फ रेलवे ओवरब्रिज के नाम बनने के कारण पूरा कुराली बाइपास चालू करने से रुका हुआ है। खरड़ से लेकर पडियाला तक के रोड पहले ही वाहनो के लिए खोल दिया गया है। पडियाला से वाहन चालकों को सिंगल रोड के जरिए कुराली शहर के बीच से गुजरना पड़ता है। यदि बाइपास चालू कर दिया जाए तो वाहन चालकों को जहां बन-वे रोड मिलेगा वहीं शहर के जाम से भी निजात मिलेगी। आधे घंटे का रास्ता कुछ मिनटों में ही तय हो जाएगा।