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अभय ने अफसरों को चेताया-अस्थाई जेल में वर्करों की खातिरदारी हो, पानी तक नहीं मिला

3 वर्ष पहले
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एसवाईएल में पानी लाने की मांग को लेकर इनेलो-बसपा गठबंधन ने जल संघर्ष युद्ध के तहत छठा जेल भरो आंदोलन शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में चलाया। करीब ढाई घंटे रैली से लेकर गिरफ्तारी तक का राजनीतिक ड्रामा चला। जेल जाने से पहले नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने अफसरों को चेताया था कि अस्थाई जेल में नियमों के हिसाब से वर्करों की चाय-पानी से खातिरदारी की जाए और कोई दिक्कत न हो। चेतावनी काम नहीं आई।

जिला पुलिस लाइन में बनी अस्थाई जेल में एक घंटे तक गिरफ्तार रहे 1,349 नेताओं-वर्करों के लिए रखे पानी के कैंपर कुछ देर में ही खत्म हो गए। हालांकि पुलिस का दावा था कि चाय का बंदोबस्त किया था लेकिन भीड़ में सभी को चाय मिलना संभव नहीं है। गिरफ्तारी देने वालों की अभय चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, सिरसा सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, रामकुमार कश्यप, पिहोवा विधायक जसविंद्र संधू व रामपाल माजरा ने अगुवाई की।

ढाई घंटे ड्रामा

अभय बोले-यह सरकार तो ढंग से गिरफ्तारी भी नहीं करती

बोलेरो में सवार अभय चौटाला और अशोक अरोड़ा ने गिरफ्तारी दिलाई। सभी वर्कर रैली स्थल से मंडी गेट पहुंचे। यहां पुलिस फोर्स व अधिकारी मौजूद थे। अभय चौटाला ने पूछा कि सरकार ने किसे गिरफ्तारी के लिए भेजा है। कोई ड्यूटी मजिस्ट्रेट है। काफी देर तक जवाब नहीं मिला। जिस पर चौटाला ने भाजपा पर तंज कसा, कहा कि यह सरकार गिरफ्तारी भी ढंग से नहीं कर सकती। इसके बाद तहसीलदार बोलेरो पर सवार होकर बोले-वे घोषणा करते हैं कि जितने लोग बसों में बैठेंगे, वे गिरफ्तार माने जाएंगे।

डेढ़ घंटे बाद हो गई रिहाई

रैली करीब 12 बजे शुरू हो गई। इसके बाद दो बजे गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू होकर तीन बजे तक चला। वर्करों को मंडी से बसों में अस्थाई जेल भेजा गया। जहां करीब डेढ़ घंटे बाद ही सभी को रिहा कर दिया। गिरफ्तारी देने वालों में महिला वर्करों की संख्या 20 से भी कम रही। डॉ.संतोष दहिया व शशि सैनी की अगुवाई में कुछ महिला वर्कर पहुंचीं थीं।

भीड़ देख प्रशासन ने भेजी रोडवेज की 15 बसें, 4 रहीं खाली

इस बार बनेगा तीसरा मोर्चा

रैली में संख्या ज्यादा, गिरफ्तारी देने वाले कम

नई अनाज मंडी में रैली में जितनी भीड़ दिखी, गिरफ्तारी देते वक्त यह संख्या काफी कम हो गई। भीड़ को देखते हुए पुलिस की दो और रोडवेज की 15 बसें मंगवाई गई थी। 13 बसों में ही वर्कर समा गए। हालांकि प्रशासन की तरफ से वाहनों की व्यवस्था की थी। लेकिन कई वर्कर इन वाहनों में सवार नहीं हुए। बाद में अपने वाहनों से लाइन पहुंच अपनी गिरफ्तारी जरूर दी।

चौटाला ने कहा कि सन 2014 में तीसरा मोर्चा न बन पाने पर मजबूरी में जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी थी। लेकिन अब मायावती के नेतृत्व में क्षेत्रीय दलों के सहयोग से तीसरा मोर्चा बनेगा।

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