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मैंने कभी थाना-चौकी नहीं देखे, लेनदार केस दर्ज कराने को धमका रहे थे, वो मेरी मौत की वजह
शहर के कार डीलर व इंटरनेशनल कार बाजार के मालिक महिपाल वालिया आत्महत्या मामले में पुलिस ने फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। हालांकि मरने से पहले महिपाल ने एक सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें कुछ फाइनेंसरों पर तंग करने का आरोप भी लगाया। लेकिन उन्होंने अपने सुसाइड नोट में किसी के भी नाम के बारे में कुछ नहीं लिखा। जिसके चलते पुलिस भी दुविधा में फंसी है। अब पुलिस पहले मामले की विस्तृत जांच करेगी। जांच के बाद ही किसी के खिलाफ केस दर्ज होगा।
पुलिस जांच के बाद दर्ज करेगी केस
महिपाल वालिया का फाइल फोटो।
बेटे को बता ब्रह्मसरोवर में कूदकर दी जान
बता दें कि करीब 60 वर्षीय महिपाल ने सोमवार शाम को ब्रह्मसरोवर में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। शाम को ब्रह्मसरोवर पर जाने से पहले उसने अपने बेटे को फोन कर बता भी दिया था। पिता के मुंह से यह बात सुनते ही बेटा व अन्य परिजन चिंता में पड़ गए। आनन फानन में उसकी तलाश में निकले। रेलवे स्टेशन और आसपास भी तलाश की। फिर ब्रह्मसरोवर पर तलाशने पहुंचे तो वहां घाट पर महिपाल के कपड़े मिले। सूचना पर एसएचओ सतीश कुमार की टीम मौके पर पहुंची। टूरिस्ट पुलिस व केडीबी के गोताखोर की मदद से शव तलाश कर बाहर निकाला।
परिचित बोले-कई दिनों से था परेशान
महिपाल ने बस स्टैंड के पास ब्राह्मण धर्मशाला के निकट कार बाजार खोला हुआ था। पहले तक उसका काम काफी अच्छा चल रहा था। जानकारों के मुताबिक कुछ समय से उसका हाथ तंग हो गया। कर्ज भी काफी हो गया था। इसे लेकर वह परेशान चल रहा था।
फाइनेंसरों ने किया था तंग
बताया जाता है कि महिपाल की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें अपनी मौत के लिए उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया, जिनके साथ उसका लेनदेन चलता था। बताया कि उसने कुछ लोगों से पैसा लिया था। इसकी एवज में उसने ब्याज भी दिया। सुसाइड में महिपाल ने लिखा कि अधिकांश को वह मूल रकम से कई गुना ब्याज दे चुका था। बावजूद इसके उक्त लोगों ने उसकी तरफ देनदारी निकाली। उसे परेशान किया जाने लगा। कुछ के पास उसके चेक आदि पड़े थे। ये लोग उसे केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे थे। लिखा कि वह सीधा साधा इंसान है। उसने या परिवार का कोई सदस्य कभी थाने चौकी नहीं गया। ये लोग उसकी इज्जत खराब करने को धमका रहे हैं। यदि उसे कुछ होता है तो उसकी मौत के लिए ये ही लोग जिम्मेदार होंगे।
कुरुक्षेत्र | बंद पड़ा महिपाल का बाजार।
किसी का नाम नहीं लिखा
हालांकि महिपाल ने सुसाइड नोट लिख कर सुसाइड की वजह तो बता दी। लेकिन इस सुसाइड नोट में किसी पर सीधे नाम सहित आरोप नहीं लगाया। एसएचओ सतीश कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट में किसी पर सीधे आरोप नहीं हैं। न ही यह उल्लेख है कि कितने लोग हैं और कितनी रकम का लेनदेन था। लिहाजा पुलिस पहले जांच करेगी। परिवार वालों से भी ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाएंगे। पता लगाया जाएगा कि कौन-कौन लोग महिपाल को तंग कर रहे थे। इसके बाद संबंधित के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। उधर मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। दोपहर को गमगीन माहौल में महिपाल का अंतिम संस्कार किया गया।