केयू शिक्षक संघ कुटा कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को कुटा कार्यालय में प्रधान डॉ. परमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। कुटा सदस्यों ने फैसला लिया कि एचफुक्टो के 22 मई को शिक्षा सदन पंचकूला के सामने दिए जाने वाले सांकेतिक धरने में केयू शिक्षक भी हिस्सा लेंगे। डॉ. परमेश कुमार ने कहा कि प्रदेश के यूनिवर्सिटी व कॉलेज शिक्षकों में सातवें वेतन आयोग की मांगों को पूरा न करने पर रोष बढ़ रहा है।
जिसके चलते एचफुक्टो ने शिक्षा सदन पंचकूला में सांकेतिक धरना देने का फैसला लिया है। इस धरने में प्रदेश के सभी कॉलेज एवं विश्वविद्यालय संगठन हिस्सा लेंगे। डॉ. परमेश ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दे चुकी है लेकिन कॉलेज व यूनिवर्सिटी शिक्षक अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। शिक्षकों की अन्य मांगों में सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष करने, बिना नेट पीएचडी धारक शिक्षकों को पांच अग्रिम वेतन वृद्धियां, पुरानी पेंशन स्कीम से वंचित शिक्षकों को एक और मौका देना, सेल्फ फाइनेंस में कार्यरत शिक्षकों को बजटिड में करना शामिल हैं। डॉ. परमेश कुमार ने कहा कि धरने में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुटा पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य विभागों में जाकर जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। बैठक में कुटा उपप्रधान डॉ. रंजना, सचिव डॉ. हरदीप लाल जोशी, सहसचिव डॉ. नीरज बातिश, खजांची डॉ. सतीश कुमार, कार्यकारिणी सदस्य प्रो. रामनिवास, प्रो. मंजुषा शर्मा, प्रो. जीपी दुबे, डॉ. कामराज सिंधु, डॉ. गोपाल प्रसाद, डॉ. सुरेंद्र जागलान, डॉ. उर्मिला, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. संतलाल, डॉ. रंजन गुप्ता और डॉ. सोहनलाल मौजूद थे।
कुरुक्षेत्र | केयू में बैठक करते कुटा कार्यकारिणी के सदस्य।