नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के सदस्य शनिवार को 11वें दिन भी हड़ताल पर रहे। सफाईकर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरना देकर आंबेडकर चौक तक रोष मार्च निकाल राज्यमंत्री कृष्ण बेदी का पुतला फूंका। संघ के जिला प्रधान सुभाष गुंसर ने कहा कि सफाईकर्मी अपने जायज हक मांग रहे हैं। लेकिन सरकार मांगों को पूरी तरह अनसुना कर रही है। जिसके चलते सफाईकर्मियों को आंदोलन लंबा खींचना पड़ रहा है और प्रदेशभर के शहरों व कॉलोनियों में पसरी गंदगी से आमजन बेहाल है।
इस स्थिति के लिए खुद सरकार जिम्मेदार है। वहीं सीएम के रोड शो के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाने के लिए नगर पालिका कर्मचारी जैसे ही नप कार्यालय से निकले। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस फोर्स अधिक होने के चलते कर्मचारी वहीं से वापस लौट गए। सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन को समर्थन दे रहे सर्व कर्मचारी संघ के नेता ओमप्रकाश ने कहा कि सफाईकर्मियों की हड़ताल के समर्थन का ग्राफ धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। अन्य कर्मचारी संगठन भी समर्थन में आ रहे हैं। बताया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल के समर्थन में अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर 22 मई को देशभर के कुल 742 जिलों के हेड क्वार्टर पर सरकार के खिलाफ कर्मचारी संगठन विरोध जताएंगे।
सेक्टर्स व कॉलोनियों सहित अधिकतर जगह पसरी है गंदगी : भले ही शनिवार व रविवार को दो दिन सीएम कुरुक्षेत्र में हैं। लेकिन सफाईकर्मियों के साथ डंपर चालकों द्वारा पांच दिन तक हड़ताल पर रहने के कारण शहर की अधिकतर सड़कों, कॉलोनियों व बाजारों में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। केवल सीएम के रोड शो व राहगीरी को लेकर ब्रह्मसरोवर के आसपास एरिया को ही चमकाने पर फोकस रहा। हालांकि शुक्रवार से डंपर चालक काम पर लौट आए हैं। लेकिन कई एरिया में फिलहाल भी डंपर कूड़ा उठाने नहीं पहुंच रहे। नगर परिषद ईओ बीएन भारती का कहना है कि डंपर सेवा बहाल हो चुकी है। कई दिन की गंदगी रुकी होने के चलते कुछ समय व्यवस्था बनाने में लगेगा।
कुरुक्षेत्र | राज्यमंत्री कृष्ण बेदी का पुतला लेकर रोष जताते सफाई कर्मचारी।