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बिना उपज बेचे खरीदी केंद्र से लौट रहे किसान

3 वर्ष पहले
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चना मसूर, सरसों की खरीदी के लिए नेफेड से नियुक्त एफएक्यू क्वालिटी की जांच कर रहे कर्मचारी देवेन्द्र पाल द्वारा इस क्षेत्र के किसानों की अनाज से भरी अधिकतर ट्रालियों को एफएक्यू क्वालिटी का नहीं मान कर खरीदने से इंकार कर दिया। जिसके कारण मेला ग्राउंड पर बने खरीदी केन्द्र से सैकड़ों किसान अपनी ट्रालियों में भरे अनाज को बिना विक्रय किए वापिस ले जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

मेला ग्राउंड पर मौजूद किसानों ने बताया कि उनका अनाज साफ सुथरा है, किंतु इस क्षेत्र के चने में तेवड़ा के मामूली दाने मिलने से उसे क्वालिटी का नहीं माना जा रहा है। इधर मसूर के दाने की टूटे मिलने पर उसे भी क्वालिटी में नहीं माना जा रहा है। इस क्षेत्र की सैकड़ों ट्रालियों में से एक प्रतिशत किसानों का अनाज ही क्वालिटी का मानकर क्रय किया जा रहा है। जिसके कारण अधिकतर किसान निराश होकर शासन के खरीदी केन्द्र से वापिस लौट रहे हैं। मामले में किसानों की मांग पर मौके पर पहुंचे एसडीएम संदीप अष्ठाना एवं राजस्व अधिकारियों ने नेफेड से नियुक्त कर्मचारी देवेन्द्र पाल से चर्चा की। वहीं उन्हें अनाज में छन्ना लगवा कर जो भी सहूलियत किसान को दी जा सकती है सहूलियत प्रदान कर अनाज क्रय करने के निर्देश दिए गए। खरीदी केन्द्र पर मौजूद किसान योगेश राठौर, हनीफ भाई, अनीस खां ने बताया कि एफएक्यू क्वालिटी का जो अनाज नेफेड अधिकारी चाहते हैं, वह इस क्षेत्र में मिलना मुश्किल हो जाएगा। नेफेड अधिकारियों द्वारा जिस छन्ने से अनाज निकलवाया जा रहा है, उसमें इस क्षेत्र के किसानों का पूरा गेहूं व मसूर निकल रहा है। मामूली गठान, या मिट्टी छनवाई जा सकती है, किंतु छोटा दाना होने पर बडे़ दाने के छन्ने से छाना जाना उचित नहीं है। किसान चन्द्रभान सिंह, रामसिंह, मेहरबानसिंह ने कहा कि चने के दाने में मामूली तेवड़ा इस क्षेत्र में हर किसान के खेत में अपने आप उग आया है। इसमें किसान का दोष नहीं है। चने से तेवड़ा के मामूली दाने अलग नहीं किए जा सकते। बिना किसी दाग के चना साफ सुथरा होने पर भी क्रय नहीं किया जा रहा है। किसानों की मांग है कि उनका अनाज खरीदी केन्द्रों पर जो भी क्वालिटी हो उस क्वालिटी के रेट अनुसार क्रय किया जाए ताकि शासन से मिलने वाली बोनस की राशि का लाभ उन्हें मिल सके।

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