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डाबड़ी गांव में भागवत कथा में संत ने गौ सेवा महत्व के बारे में दी जानकारी
डाबड़ी गांव में संत मुक्तिराम गौशाला समिति डाबड़ी एवं भागवत सेवा प्रकल्प ट्रस्ट नागौर के संयुक्त तत्वावधान में चल रही गौहितार्थ श्रीमद भागवत कथा में व्यासपीठ से कथा-वाचन करते हुए देवी ममता ने समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मंथन के दौरान समुद्र से प्रकट हुए 14 र|ों उच्चेश्वर घोड़ा, ऐरावत हाथी, कौस्तुभ मणि, कल्पवृक्ष आदि के बारे में बताया। संत ने कहा कि हलाहल विष के कारण संपूर्ण त्रिलोकी में हाहाकार मचने लगा, तब भगवान शंकर ने उसका पान किया और जब समुद्र से अमृत प्रकट हुआ तो उसका पान देवताओं को करवाया। उन्होंने बताया कि भगवान शंकर में असीम शक्ति है, जो त्रिलोक के भले के लिये विष को धरण कर लिया और इसके बावजूद भी वे अमर हैं एवं हमेशा विश्व कल्याण के लिए सक्रिय रहते हैं। इस दौरान उन्होंने गौ सेवा के महत्व को बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में माता-पिता, गरीब व वृद्ध जनों तथा गाय की सेवा निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए। भामाशाह सागरमल नाहटा ने बालिकाओं को दीवार-घडिय़ों का वितरण किया एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। इस मौके पर सोहन सिंह सूबेदार, संपत कंवर, ज्ञान सिंह, धीरज भोजक, राधेश्याम सांवराद आदि मौजूद थे।
लाडनूं. डाबड़ी में भागवत के दौरान झूमती महिलाएं व युवितियां।
भास्कर संवाददाता | लाडनूं
डाबड़ी गांव में संत मुक्तिराम गौशाला समिति डाबड़ी एवं भागवत सेवा प्रकल्प ट्रस्ट नागौर के संयुक्त तत्वावधान में चल रही गौहितार्थ श्रीमद भागवत कथा में व्यासपीठ से कथा-वाचन करते हुए देवी ममता ने समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मंथन के दौरान समुद्र से प्रकट हुए 14 र|ों उच्चेश्वर घोड़ा, ऐरावत हाथी, कौस्तुभ मणि, कल्पवृक्ष आदि के बारे में बताया। संत ने कहा कि हलाहल विष के कारण संपूर्ण त्रिलोकी में हाहाकार मचने लगा, तब भगवान शंकर ने उसका पान किया और जब समुद्र से अमृत प्रकट हुआ तो उसका पान देवताओं को करवाया। उन्होंने बताया कि भगवान शंकर में असीम शक्ति है, जो त्रिलोक के भले के लिये विष को धरण कर लिया और इसके बावजूद भी वे अमर हैं एवं हमेशा विश्व कल्याण के लिए सक्रिय रहते हैं। इस दौरान उन्होंने गौ सेवा के महत्व को बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में माता-पिता, गरीब व वृद्ध जनों तथा गाय की सेवा निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए। भामाशाह सागरमल नाहटा ने बालिकाओं को दीवार-घडिय़ों का वितरण किया एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। इस मौके पर सोहन सिंह सूबेदार, संपत कंवर, ज्ञान सिंह, धीरज भोजक, राधेश्याम सांवराद आदि मौजूद थे।