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वंदना सभा में कथा वाचिका बोलीं-मां भी गुरु स्वरूप होती है, वो जीवन जीने की कला संस्कारों से सिखाती है

3 वर्ष पहले
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आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में वंदना सभा का आयोजन किया गया। सभा में कथा-वाचिका देवी ममता ने कहा कि माता-पिता व गुरू द्वारा दिए गए अच्छे संस्कार ही हमें हमारे माता-पिता, परिवार, समाज, देश व मानवता का सम्मान करना सिखाते हैं। जीवन में गुरू ही व्यक्ति का मार्गदर्शन करते है। जबकि सर्व प्रथम मां गुरू स्वरूप होती है, जो परिवार व समाज में जीवन जीने की कला संस्कारों से सिखाती है। इन संस्कारों से ही हमारी संस्कृति की रक्षा होती है। जब विद्यालय में प्रवेश करते है तो वहां गुरू के द्वारा भी अच्छे संस्कार मिलते है। उन्होंने कहा शिवाजी की मां ने उन्हें मातृभूमि के लिए तैयार किया जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि हर किसी को गुरु की कृपा व आशीर्वाद नहीं मिलता। हमें सदैव अपने माता-पिता व गुरूजनों का सम्मान करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा संस्कारमय वंदना कार्यक्रम व देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर सुमन, हरप्रीत कौर, भागवत सेवा ट्रस्ट प्रभारी हरेन्द्र गौड़, प्रधानाचार्य राजूराम पारीक, समिति अध्यक्ष शांतिलाल बैद, जोधपुर प्रांत के संगीत प्रमुख मेघराज, समिति व्यवस्थापक नंदलाल शर्मा, प्रचार प्रमुख पुरुषोत्तम सोनी, सरिता, सीताराम, खुमाराम आदि मौजूद थे।

लाडनूं. स्कूल में वंदना करतीं कथा वाचिका देवी ममता व अन्य

विधायक ने 2.10 लाख व प्रधान ने 3.20 लाख रुपए दिए

लाडनूं| डाबड़ी गांव में श्रीमद भावगत कथा में अंतिम दिन कथा वाचिका देवी ममता ने कहा है कि कृष्ण और सुदामा की दोस्ती को विश्व में आदर्श मित्रता के रूप में देखा जाता है। इस प्रकरण में कृष्ण के वैभवशाली होने के बावजूद सुदामा जैसे गरीब के साथ समान मित्रता निभाना व उसे बराबर का सम्मान देना महत्वपूर्ण है। भागवत कथा के समापन पर कृष्ण सुदामा की झांकी का प्रदर्शन किया गया। भागवत कथा में मंगलवार को महामंडलेश्वर कुशालगिरी महाराज, गूलर धाम के कानपुरी महाराज, राशनपुरा के महंत महेशानंद महाराज व तारानंद महाराज भी शामिल हुए। इस दौरान कुशालगिरी महाराज ने नशा मुक्ति, दान की महिमा, गौ माता की महिमा, ईश्वर प्राप्ति आदि के संबंध में प्रवचन दिए। भागवत कथा के समापन पर विधायक मनोहर सिंह, प्रधान प्रतिनिधि प्रताप सिंह कोयल, कांग्रेस के पीसीसी सदस्य रवि पटेल शामिल हुए। इस दौरान विधायक मनोहर सिंह ने अपने विधायक क्षेत्र विकास कोष से 2 लाख 10 हजार रुपए। पंचायत समिति की प्रधान पुष्पा कंवर ने गौशाला में जल व्यवस्था के लिए 3 लाख 20 हजार रुपए, रामरखा राम के पुत्रों हनुमान राम, जोधाराम, मनीराम व सहीराम ने 5 बीघा जमीन गौ हितार्थ दान में दी। दान देने की पहल कथा वाचिका देवी ममता ने स्वयं की और उन्होंने डाबड़ी गावं की संत मुक्तिराम गौशाला समिति के अध्यक्ष हनुमान सिंह व मंत्री मानसिंह को 2 लाख 25 हजार रुपए नकद प्रदान किए। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा 20 लाख से अधिक रुपयों का दान गौशाला के लिए दिए गए। इस अवसर पर दानदाताओं को स्वामी कुशालगिरी महाराज ने रुद्राक्ष की माला व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किए गए।

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