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जांच अधिकारी को धमकी देने वाला स्कूल प्रधानाचार्य निलंबित

3 वर्ष पहले
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जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम ने जिला सतर्कता समिति के निर्देशानुसार लाडनूं तहसील के ग्राम खामियाद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के ओमप्रकाश पूनिया को निलंबित करके उनका मुख्यालय डीईओ माध्यमिक प्रथम कार्यालय किया है। इस प्रकरण में उपखंड अधिकारी रामसिंह राजावत ने जांच करके इस अध्यापक को दोषी पाया था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि अध्यापक ओमप्रकाश पूनिया ने उपस्थिति रजिस्टर में 21 फरवरी, 24 फरवरी व 26 फरवरी को खड़ी क्रोस लाइन होने के बावजूद हस्ताक्षर किए थे। 2 फरवरी, 23 फरवरी व 27 फरवरी के कॉलम में सीएल अंकित की गई थी। उन्होंने लिखा है कि गोकुलचंद के बयानों और गवाह भंवराराम के बयान से स्पष्ट है कि ओमप्रकाश ने धमकियां दी थी। प्रधानाचार्य भंवरा राम ढाका ने भी स्वीकार किया कि ओमप्रकाश ने गोकुल चंद को फोन पर धमकियां दी थी। जांच के दौरान यह भी सही पाया गया कि प्रधानाचार्य भंवरा राम ढाका ने आरपी गोकुलचंद द्वारा निरीक्षण के दौरान राजकार्य में बाधा पहुंचाई। प्रधानाचार्य ने रजिस्टर में क्रोस होने के बावजूद ओमप्रकाश के हस्ताक्षर करने पर कोई कार्रवाई नहीं की और शेष अवधि की सीएल स्वीकृत करना गलत है। उन्होंने ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के गोकुलचंद की शिकायत को सही पाया।

बीईईओ कार्यालय के आरपी गोकुलचंद ने विभागीय आदेशों के चलते किया था निरीक्षण

शासन सचिव एवं एसडीएम के आदेशों की पालना में बीईईओ कार्यालय के आरपी गोकुलचंद शर्मा मिड-डे मील विशेष अभियान के तहत 26 फरवरी को आवंटित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खामियाद में पहुंचे, तो पाया कि मिड-डे मील प्रभारी अध्यापक ओमप्रकाश पूनिया एवं कुक कम हेल्पर अनुपस्थित मिले और वहां मिड-डे मील नहीं बनाया गया था। उन्होंने कर्मचारी उपस्थिति पंजिका मंगवाई और देखा तो पाया कि उसमें अध्यापक रामदीन व ओमप्रकाश की उपस्थिति हस्ताक्षरों के 21 फरवरी से लगातार 27 फरवरी तक के कॉलम खाली छोड़े हुए थे। इन खाली कॉलम में उन्होंने लाइनें खींच दी और उसके फोटोग्राफ ले लिए। इस पर प्रधानाचार्य भंवरलाल ढाका एवं उपस्थित अध्यापकों ने विरोध जताते हुए हाथ-पैर तुड़वाने की धमकियां दी और कहा कि वे उन कॉलम में अब हस्ताक्षर करवा लेंगे। इसके बाद अध्यापक ओमप्रकाश पूनिया ने लगातार कई दिनों तक फोन करके उसे जान से मार देने की धमकियां दी। जिससे जांच अधिकारी भयभीत हो गए और इसकी सूचना जिला कलेक्टर को भेजी तथा रजिस्टर की फोटो प्रति भी भेजी। उन्होंने बीईईओ कार्यालय से भी एक रिपोर्ट कलेक्टर को भिजवाई। जिसमें ओमप्रकाश, कुक कम हेल्पर एवं प्रधानाचार्य भंवर लाल ढाका पर अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर अपशब्द कहने, हाथ-पैर तोड़ डालने की धमकी देने, राजकार्य में बाधा डालने एवं राजकार्य सम्पादित नहीं करने देने का उल्लेख करते हुए नियमानुसार उनके विरुद्ध राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवाए जाने तथा उन्हें भयमुक्त किए जाने के साथ विद्यालय की उपस्थिति पंजिका को सीलबंद करके निष्पक्ष जांच करवाने व उसमें हेराफेरी नहीं करने देने की मांग की थी। इसकी जांच कलेक्टर ने एसडीएम रामसिंह राजावत को सौंपी। जिन्होंने सबके बयान लिए और जांच पूरी करके जिला कलेक्टर को भिजवाई थी।

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