गर्दन, कमर व घुटनों के लिए भी बताए योगाभ्यास
लाडनूं। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने कहा कि योग से मनुष्य अपने किसी भी क्षेत्र में कार्य करते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रख सकता है। योग को आवश्यक रूप से प्रतिदिन नियमित रूप से करना चाहिए। वे यहां जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में चल रही कार्मिकों की योग कक्षा के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योगमय जीवन शैली को अपनाने से व्यक्ति अनेक प्रकार की व्याधियों से मुक्त रह पाता है। उन्होंने कहा कि जो यौगिक क्रियाएं, योगासनों एवं प्राणायाम के प्रयोग बताए हैं, उन्हें अपने घर पर नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाएं। ताकि उनका वास्तविक लाभ उठाया जा सके। योग प्रशिक्षक डाॅ. विवेक माहेश्वरी ने योग कक्षा में शामिल सभी संभागियों को आंख, कान, गर्दन, कमर, घुटनों आदि के स्वास्थ्य केे लिए विभिन्न यौगिक क्रियाओं, योगासनों एवं प्राणायम के प्रयोग करवाए।