अंग्रेजी बोलने की झिझक नहीं मिटने तक उसे सरलता से नहीं बोल सकते
जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के अंग्रेजी भाषा विभाग के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के शैक्षिक एवं गैर शैक्षिक कार्मिकों के लिए आयोजित की जा रही अंग्रेजी संभाषण एवं संपर्क कला के विकास के लिए निशुल्क कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान विभागध्यक्ष डाॅ. गोविंद सारस्वत ने कहा कि अंग्रेजी को अपने कार्यस्थल व रोजमर्रा के जीवन की भाषा बनाने के लिए आवश्यक है कि अपनी दिनचर्या के हिस्सों में आवश्यक छोटे-छोटे वाक्यांश को प्रयोग में लाया जाए। जब तक अंग्रेजी बोलने की झिझक नहीं मिटेगी, उसे सरलता से नहीं बोला जा सकेगा। इसलिए नियमित अभ्यास को जारी रखा जाना चाहिए। कार्यशाला के संभागियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार व अनुभव अंग्रेजी में साझा किए। विजय कुमार शर्मा, मुकुल सारस्वत, डाॅ. गिरीराज भोजक, डाॅ. हेमलता जोशी, डाॅ. बिजेंद्र प्रधान, गीता पूनिया, डाॅ. बीएल जैन, सोनिका जैन, डाॅ. सत्यनारायण भारद्वाज, कमल कुमार मोदी, डाॅ. विवेक माहेश्वरी, डाॅ. पुष्पा मिश्रा, डाॅ. वीरेंद्र भाटी, डाॅ. अमिता जैन आदि ने इन कक्षाओं को लाभदायक बताया तथा कहा कि इससे संभागियों की अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर हुई है।
लाडनूं. इंग्लिश स्पोकन कक्षा में अनुभव साझा करते संभागी एवं समापन सत्र के दौरान उपस्थित अन्य संभागी।