आमतौर पर प्राइवेट स्कूलों का परिणाम अच्छा रहने के कारण अभिभावकों का रुझान उनकी तरफ ज्यादा रहता है। लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी अध्यापक अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम श्रेष्ठ रखने के लिए मेहनत करने में जुटे हैं। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सरकारी स्कूल कही जाने वाली राजकीय जौहरी उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी अध्यापकों ने अपने स्तर पर परीक्षा-परिणामों को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यहां एक नई पहल करते हुए गर्मियों की छुट्टियों में ही अगले सत्र के लिए पढ़ाई शुरू कर दी है। शिक्षा के स्तर में सुधार करने और गुणवत्तापूर्वक परीक्षा परिणाम रखने के लिए यहां अतिरिक्त कक्षाओं के रूप में छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए वाणिज्य, गणित व कला विषयों का अध्यापन विद्यार्थियों को करवाया जा रहा है। कक्षा 12 वीं बोर्ड विज्ञान संकाय की गणित विषय की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यालय के गणित विषय के व्याख्याता जयनारायण रेगर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। इसी प्रकार वाणिज्य संकाय में व्याख्याता गुलाबचंद सांखला और कला वर्ग में धनराज प्रजापत द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक संचालित की जा रही हैं। कक्षाएं 24 मई तक जारी रहेंगी। 100 से अधिक विद्यार्थी स्कूल पहुंचकर अध्ययन कर रहे हैं। इससे पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में गांव ओडिंट में पिछले दो साल से सरकारी विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से कुछ समय पहले उन्हें अध्ययन कराया जाता है। जो परीक्षा के समय छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। इसी के चलते गांव गैनाणा के सरकारी स्कूल में भी किया गया। इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी श्रेष्ठ रहा।
ग्रामीण भी कर रहे सराहना
सरकारी स्कूल के शिक्षकों की ओर से लिए गए इस निर्णय को ग्रामीणों व कस्बेवासियों की ओर से भी सराहा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना कि शिक्षकों की इस पहल से जहां विद्यार्थियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग हो रहा है। बल्कि उन्हें स्कूल के नियमित सत्र के दौरान रिवीजन के दौरान भी दुबारा पढ़ाई कर परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने का भी अवसर मिल सकेगा।
भास्कर संवाददाता | लाडनूं
आमतौर पर प्राइवेट स्कूलों का परिणाम अच्छा रहने के कारण अभिभावकों का रुझान उनकी तरफ ज्यादा रहता है। लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी अध्यापक अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम श्रेष्ठ रखने के लिए मेहनत करने में जुटे हैं। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सरकारी स्कूल कही जाने वाली राजकीय जौहरी उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी अध्यापकों ने अपने स्तर पर परीक्षा-परिणामों को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यहां एक नई पहल करते हुए गर्मियों की छुट्टियों में ही अगले सत्र के लिए पढ़ाई शुरू कर दी है। शिक्षा के स्तर में सुधार करने और गुणवत्तापूर्वक परीक्षा परिणाम रखने के लिए यहां अतिरिक्त कक्षाओं के रूप में छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए वाणिज्य, गणित व कला विषयों का अध्यापन विद्यार्थियों को करवाया जा रहा है। कक्षा 12 वीं बोर्ड विज्ञान संकाय की गणित विषय की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यालय के गणित विषय के व्याख्याता जयनारायण रेगर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। इसी प्रकार वाणिज्य संकाय में व्याख्याता गुलाबचंद सांखला और कला वर्ग में धनराज प्रजापत द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक संचालित की जा रही हैं। कक्षाएं 24 मई तक जारी रहेंगी। 100 से अधिक विद्यार्थी स्कूल पहुंचकर अध्ययन कर रहे हैं। इससे पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में गांव ओडिंट में पिछले दो साल से सरकारी विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से कुछ समय पहले उन्हें अध्ययन कराया जाता है। जो परीक्षा के समय छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। इसी के चलते गांव गैनाणा के सरकारी स्कूल में भी किया गया। इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी श्रेष्ठ रहा।
ग्रामीण भी कर रहे सराहना
सरकारी स्कूल के शिक्षकों की ओर से लिए गए इस निर्णय को ग्रामीणों व कस्बेवासियों की ओर से भी सराहा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना कि शिक्षकों की इस पहल से जहां विद्यार्थियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग हो रहा है। बल्कि उन्हें स्कूल के नियमित सत्र के दौरान रिवीजन के दौरान भी दुबारा पढ़ाई कर परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने का भी अवसर मिल सकेगा।