बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मुहिम की असली परख अभावग्रस्त जीवन की कसौटी पर ही हो सकती है। इसे खरा साबित किया है, ईंट भट्ठे के मजदूर परिवार ने। जिसकी बेटी माफी शहीद लाइंस नायक सरकारी सीनयर सेकेंडरी स्कूल, ज्योली की टॉपर बनी है। ईंट भट्ठे पर एक कमरे की तंग रिहायश और अनपढ़ माता-पिता के बावजूद परिवार के तीनों बच्चे पढ़ाई में अव्वल आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कच्ची ईंटें बनाकर ढो रहे पिता के बच्चे यथासंभव मदद भी करते हैं।
उत्तरप्रदेश में सहारनपुर मूल के बलराम की बेटी माफी ही नहीं, उनके बेटे अर्जुन व अक्षय भी इसी सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए हर बार अव्वल आ रहे हैं। परिवार के बाकी सदस्य सोए रहते थे तो माफी रात को एक बजे उठकर सुबह तक पढ़ाई करती थी। परिवार में एक स्मार्ट फोन तक नहीं है। आज तक ट्यूशन नहीं पढ़ी, परंतु स्कूल स्टाफ ने परीक्षाओं की तैयारी में भरपूर सहयोग दिया है।