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वर्कर्स के 43 लाख रु. ट्रांसफर करने का आरोपी ईएसआई का कैशियर गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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मोहित शंकर | मोहाली mohit.shanker@dhrsl.com

केंद्र सरकार की ओर से वर्कर्स के इलाज के लिए बनाई गई ईएसआईसी स्कीम के तहत वर्कर्स को इलाज के पैसे देने के बजाय सैंकड़ों वर्कर्स के 43 लाख रुपए अपने व अपने रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के आरोपी ईएसआई लालडू के कैशियर विजय कुमार को लालडू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कैशियर को लालडू पुलिस ने मोहाली कोर्ट में पेश किया जहां से उसे कोर्ट की ओर से 20 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ईएसआई लालडू में यह गबन होने के बाद भास्कर की ओर से इस घोटाले को उजागर किया गया था, जिसके बाद इस पर ईएसआईसी दिल्ली हेडक्वार्टर की ओर से संज्ञान लिया गया और बाद में दिल्ली से ईएसआईसी की विजिलेंस टीम चंडीगढ़ आकर तत्कालन मैनेजर पंकज शर्मा और तत्कालीन मैनेजर उमा कपिला को सस्पेंड कर गई थी। कैशियर विजय कुमार को पहले ही डायरेक्टर ईएसआईसी सुनील तनेजा की ओर से सस्पेंड किया गया था।

मामले का खुलासा अगस्त 2017 में तब हुआ था, जब एक वर्कर से 90 हजार रुपए कैशियर विजय कुमार ने उसके खाते में न भेज कर अपने खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। जब उस वर्कर ने अपने पैसों के लिए जांच की थी तो पता चला कि उसके पैसे तो ट्रांसफर हो चुके हैं, जिसके बाद सारा रिकाॅर्ड खंगाला गया तो पता चला कि ऐसी ही करीब 44 लाख की राशि वर्कर्स को न भेज कर अन्य खातों में भेजी गई थी, जिसके बाद ईएसआईसी की ओर से लालडू थाने में शिकायत दी गई।

ईएसआईसी के जिस मैनेजर ने दी शिकायत, वो भी संस्पेंड: ईएसआईसी के मैनेजर पंकज शर्मा ने लालडू थाने में आरोपी कैशियर के खिलाफ शिकायत दी थी। मैनेजर ने बताया कि कैशियर ने विभाग के पेसों का गबन किया है। लेकिन जो आखरी 90 हजार की पेमेंट कैशियर की ओर से गलत खाते में ट्रांसफर की गई थी वो मैनेजर पंकज शर्मा की अप्रूवल के बाद ही ट्रांसफर की गई थी, इसलिए ईएसआईसी दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने मैनेजर पंकज शर्मा को भी संस्पेंड कर दिया था। उसके खिलाफ आगे जांच चल रही है। थाना लालड़ू के एसएचओ अमरप्रीत िसंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि आरोपी कैशियर विजय कुमार लालडू बस स्टैंड के पास घूम रहा है। उसे रेड करके गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ करके मामले में नामजद बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले आरोपी कैशियर के साले दिलप्रीत को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ईएसआईसी के मैनेजर ने दी थी शिकायत

ईएसआईसी के मैनेजर पंकज ने लालडू थाने में आरोपी कैशियर के खिलाफ शिकायत दी थी। मैनेजर ने शिकायत देते हुए बताया था कि आरोपी कैशियर ने विभाग के पैसों का गबन किया है। आरोपी कैशियर ने जो पैसे वर्कर्स के खातों में ट्रांसफर करने थे वो पैसे वो अपने तथा अपने रिश्तेदारों व जानकारों के बैंक खातों में ट्रांसफर करता गया। जब यह खुलासा हुआ तो इसकी जानकारी डायरेक्टर ईएसआईसी सुनील तनेजा को दी गई थी। इस पर पुलिस को शिकायत दी गई।

पैसे ट्रांसफर करने के लिए मैनेजर की जरूरी थी अप्रूवल...आरोपी कैशियर ने जो भी राशि अपने तथा अपने जानकारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी, उसे ट्रांसफर करने की पावर सिर्फ कैशियर के हाथ में नहीं थी। बल्कि राशि ट्रांसफर करने से पहले कैशियर को मैनेजर से भी अप्रूवल चाहिए थी। जिस समय यह गबन हुआ था उस समय ईएसआई लालडू में मैनेजर उमा शर्मा तैनात थी। उनके कार्यकाल के समय में सिर्फ 90 हजार रुपए की ही राशि ट्रांसफर हुई।

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