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परोपकार ही जीवन की सार्थकता, लालसोट में सत्संग, एक जोड़े ने बगैर दहेज के की शादी

3 वर्ष पहले
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उपखंड मुख्यालय पर संत रामपाल दास महाराज के साधकों का विशाल सत्संग समारोह गणपति गार्डन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर संत रामपाल महाराज के सैकडों अनुयायियों ने रविवार को उपखंड मुख्यालय पर एक गार्डन में दहेज तथा नशाखोरी व अन्य कुरीतियों को जड़ मूल से संकल्प करने के बगैर दहेज के एक जोड़े का विवाह करा कर समाज को अनोखा संदेश दिया है। वहीं दूसरी तरफ एलईडी के माध्यम से संत रामपाल महाराज के प्रवचनों में बताया है कि सदगुरु द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर ही समाज का कल्याण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा को त्यागने कुरीतियों को छोड़ने तथा दहेज को समाप्त करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ लोगों को आगे आकर काम करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होंने कबीर दास महाराज द्वारा बताए गए मार्गों के बारे में भी जानकारी दी। जिनके माध्यम से जीवन का कल्याण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परोपकार ही जीवन का मूल सार है। इस अवसर पर आयोजित सत्संग में लोग झूम उठे।

तामझाम से दूर अनूठी शादी: सादगी की स्थिति यह रही कि बगैर शादी के तामझाम, न तोरण ,ना शहनाई और न हीं आतिशी धमाके, बैंड बाजों का शोरगुल नहीं ,तमाम फिजूलखर्ची से दूर गार्डन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महज 17 मिनट में रमेडी मंत्रों से कबीर पंथ को मानने वाले सैकडों साधकों के बीच में वैवाहिक दांपत्य के बंधन में बंध कर न केवल समाज को अनावश्यक फिजूलखर्ची से बचने का संदेश दिया बल्कि संत रामपाल महाराज के प्रति अपनी आस्था का भी प्रदर्शन किया।

रमेडी मंत्रों से की शादी: कार्यक्रम के दौरान दूल्हा कौशल कुमार दास हमीरपुरा उनियारा ने तथा पूजा दास ने संत रामपाल दास महाराज के चित्र मूर्ति के आगे दीपक जलाकर कबीर पंथ मैं रेमेडी मंत्रों के साथ मात्र 17 मिनट में शपथ लेकर साथ जीवन जीने का संकल्प लेते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया। तथा संत रामपाल दास महाराज के द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर समाज को नशा मुक्त, दहेज मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया।

कुरीतियों को दूर करने का लिया संकल्प: इस अवसर पर रमेडी मंत्रों से दाम्पत्य सूत्र में बंधे दूल्हे कौशलदास व दुल्हन पूजा दास ने समाज के लोगों का आशीर्वाद लेते हुए पत्रकार वार्ता में कहा कि आज उन्होंने नए दांपत्य जीवन की शुरुआत की है। संत रामपाल दास महाराज के द्वारा बताए गए रास्तों से प्रभावित होकर उन्होंने परंपरागत तरीके से होने वाली शादी की जगह बगैर शादी के तामझाम न तोरण द्वार न शहनाई न बाजे न आतिशी धमाके और न ही शादी की फिजूलखर्ची को छोड़कर सादगीपूर्ण तरीके से बगैर दहेज के शादी की है। कार्यक्रम में शादी करने से उन लोगों को संत रामपाल का आशीर्वाद मिला है । वे समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए मिलकर काम करेंगे यह उनका सौभाग्य है।

संत रामपाल से मिली प्रेरणा: दूल्हे के पिता हरनाथ दास हमीरपुरा उनियारा ने कहा कि संत रामपाल महाराज के प्रवचनों से प्रेरित होकर के ही उन्होंने अपने बच्चे की शादी रमेडी मंत्रों के साथ कराना स्वीकार किया है। जिसने कोई दहेज का टंटा है और न हीं शादी में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची । इससे समाज के लोगों को प्रेरणा मिलेगी । उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना उनका लक्ष्य है ।

क्या है रमेडी: संत रामपाल महाराज के साधक गोपाल दास ने बताया कि रमेडी मंत्रों के माध्यम से कबीर पंथ में शादी कराने का प्रावधान है । 33 करोड़ देवी देवताओं का रेमेडी में मंत्रों के माध्यम से आवाहन किया जाता है तथा वे सभी देवी-देवता इस पवित्र शादी किए साक्षी होते हैं । संत रामपाल दास महाराज के बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में समरसता कायम कर दहेज नशा मुक्ति व भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।

कहां-कहां के लोगों ने लिया भाग: उपखंड मुख्यालय पर आयोजित अनूठे कार्यक्रम में डीडवाना रामगढ़ पचवारा मंडावरी सूरतपुरा मित्रपुरा बिडोली बिदरखा सहित आसपास के जिलों के सैकडों कबीर पंथ को मानने वाले साधकों द्वारा भाग लिया गया। घनश्याम दास ओमप्रकाश दास रविदास राधा मोहन दास रामस्वरूप दास जसवंत सिंह हजारीलाल रामकिशोर गुर्जर एडवोकेट ,मोहर बालोतरा,बद्री लाल सैनी, सहित अनेक लोगों ने भाग लिया।

लालसोट. सत्संग समारोह में वैवाहिक दाम्पत्य सूत्र में बंधते हुए दूल्हा एवं दूल्हन। मौजूद हजारों साधक।

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