17 उप स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं सीएस से कहा-जल्द खुलवाएं
उपायुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को बैठक कर स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। समन्वय बनाकर दोनों विभागों के पदाधिकारियों को संचालित योजनाआें का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। डीसी ने समीक्षा में पाया कि जिले के सभी 115 में मात्र 98 उप स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को खाली पड़े स्कूल भवन में स्वास्थ्य केंद्र खोलने, सही तरीके से सभी केंद्रों को संचालित करने तथा उसमें एमपीडब्ल्यू एवं एएनएम को पदस्थापित करने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी सेविका व स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, जिले के सभी गर्भवती महिलाआें की सूची बनाने एवं आवश्यकतानुसार उनका इलाज करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि 225 गांव में किए जा रहे इम्युनाइजेशन कार्य को करने में परेशानी हो रही है। इसपर उपायुक्त ने जागरूकता अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता लाने के निर्देश दिए। इसके अलावे बीडीओ को वैसे सभी आंगनबाड़ी केंद्र जहां शौचालय नहीं है वहां 14वें वित्त की राशि से 15 दिनों में शौचालय निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने किशोरियों को आयरन की गोली देने के भी निर्देश दिए। स्पष्ट निर्देशित किया कि सिर्फ आयरन की गोली अपने साथ नहीं ले जाएं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कराएं कि कितने किशोरियों को आयरन की गोली दी गई। उपायुक्त ने जिले को कुपोषण मुक्त करने को लेकर भी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में डीडीसी अनिल कुमार सिंह, सीएस डॉ. अक्षय कुमार सिंह, डीएसडब्ल्यूओ नीलिशा कुमारी, डीईआे नीरजा कुजूर, डीएसई मसुदी टुडू, डॉ. एसपी शर्मा, डीपीएम वेदप्रकाश के अलावे कई चिकित्सक व महिला पर्यवेक्षक मौजूद थी।
स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते डीसी।
विभाग को लूट का जरिया नहीं बनाएं
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की आेर से संचालित योजनाआें की जानकारी के लिए बनाए गए पोस्टर की मांग की। ताकि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में उसे लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम द्वारा पोस्टर नहीं बनाएं जाने की बात कही गई। इसपर उपायुक्त भड़क गए। कहा कि सिर्फ पोस्टर हमें दिखाने के लिए बनाते हैं क्या, विभाग से संचालित योजनाआें को लूट का जरिया नहीं बनाएं।
पदों को भरने का आदेश
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाआें को गति प्रदान करने के लिए अनुबंध पर खाली पड़े रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय नीति के तहत जिलेवासी को ही नियुक्त करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए।