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पुल के नीचे से धड़ल्ले से उठा रहे बालू, पुल पर खतरा

3 वर्ष पहले
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बरवाडीह प्रखंड के अधिकांश पुल-पुलिया का अस्तित्व बालू कारोबारियों के निजी स्वार्थ के कारण खतरे में पड़ता हुआ दिख रहा है। बालू कारोबारियों द्वारा प्रखंड क्षेत्र के कई पुल-पुलिया के पिलर के नीचे से भी रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर और ट्रकों के माध्यम से बालू का उठाव किया जा रहा है। राज्य सरकार और खनन विभाग के निर्देश के अनुसार किसी भी पुल-पुलिया के 500 मीटर की दूरी के बाद ही बालू का उठाव हो सकता है।

परंतु, प्रखंड के लंका, बांसडीह कोयल नदी पुल के पास बालू का उठाव धड़ल्ले से किया जा रहा है। जबकि लंका बालू घाट प्रखंड का एकमात्र निबंधित घाट है, परंतु इतने बड़े बालू घाट से बालू का उठाव न करके बालू का कारोबार करनेवाले दर्जनों कारोबारी निजी स्वार्थ में बिना किसी आदेश के पलामू और लातेहार को जोड़नेवाले पुल के अस्तित्व के साथ खेल रहे हैं और बालू का अवैध उठाव कर भंडारण और बिक्री का काम कर रहे हैं। इसके अलावा प्रखंड के चपरी देवरी नदी पुल, पुटुआगड़, हुटार पुल, केड़, रबदी पुल समेत अन्य जगहों से पुल के महज 10 से 20 फीट की दूरी से रोजाना बालू का उठाव करने का काम किया जा रहा है, जिससे पुल का अस्तित्व खतरे में है।

वहीं, मुखिया रानी देवी ने कहा कि नदी के पुल के नीचे से लगातार बालू का उठाव किया जा रहा है, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारी को फोन के माध्यम से दी जा चुकी है, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ। नतीजतन, पुल का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।

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