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कागजात नहीं दिखाए जाने के बाद भी कोयला डंपिंग मामले में नहीं हुई कार्रवाई
टोरी-शिवपुर रेल लाइन के बीच बीराटाली रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से कोयले की डंपिंग मामले में एसडीपीओ अनुज उरांव व इंस्पेक्टर सह चंदवा थानेदार कमलेश्वर पांडेय के निर्देश के बाद भी बीराटोली कोल साइडिंग श्रमिक समिति द्वारा कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया है। समिति के अध्यक्ष रवि गंझू को प्रशासन ने कागजात दिखाने का बुधवार तक समय दिया था। कागजात नहीं दिखाए जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन ने समिति से कोयला भंडारण, उठाव, रेलवे का अनापत्ति प्रमाणपत्र, रेलवे का वर्क ऑर्डर एवं प्रदूषण का कागजात मांंगा था। इस बाबत पूछे जाने पर इंस्पेक्टर सह थानेदार पांडेय ने बताया कि समिति द्वारा कागजात प्रस्तुत करने के लिए 18 मई तक का समय मांगा गया है। जब तक कागजात नहीं मिल जाता, तब तक कोयले के भंडारण पर रोक लगी रहेगी। गौरतलब हो कि योजना का कार्य इलाहाबाद (यूपी) के कोयला कारोबारी प्रयाग राज द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए रैक लोडिंग का कार्यसमिति को आवंटित किया गया है। जानकारी के अनुसार यह कोयला सीसीएल की आम्रपाली व कुंडी कोलियरी से टोरी कोल साइडिंग के लिए चली थी, जिसे नाजायज तरीके से समिति द्वारा बीराटोली में भंडारण करा लिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि समिति द्वारा कोयला परिवहन के लिए जिस हाईवा का प्रयोग किया गया था, उसका परिवहन चालान भी नहीं दिखाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह कोयला एनपीसीसी में जाने के लिए उपरोक्त कोलियरी से टोरी के लिए चला था, लेकिन समिति बीराटोली कोल साइडिंग पर कब्जा जमाने के उद्देश्य से कोयला भंडारण करा लिया, जो पूरी तरह अवैध है।
चंदवा के बीराटोली में पड़े अवैध कोयले।