उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बोलना होगा जय हिंद
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्र ‘यस सर-यस मेम’ , ‘प्रजेंट सर-प्रजेंट मेम’ की जगह अब ‘जय हिन्द’ बोलेंगे। राज्य शासन ने मंगलवार को इस आशय के पत्र जारी कर दिए हैं। शासन ने आदेश में कहा है कि विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
शासन का कहना है कि वर्तमान में शालाओं में छात्रों की उपस्थिति लेते समय छात्र अलग-अलग शब्द जैसे उपस्थित सर,प्रजेंट सर, यस सर आदि बोलते हैं। अब शासन के नए निर्देश के अनुसार सभी छात्र जय हिंद बोलकर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अन्य शब्दों का प्रयोग उपस्थिति के लिए नहीं किया जा सकेगा। निजी स्कूलों को लेकर असमंजस: की स्थिति बनी हुई है जय हिंद सिर्फ सरकारी स्कूलों में बोला जाएगा या निजी स्कूलों में भी अभी जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
निजी स्कूलों मे आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति: जारी आदेश में निजी स्कूलों को जय हिंद बोलने की बाध्यता से मुक्त रखा है अथवा नहीं ...यह स्पष्ट नहीं है। परिणाम निजी स्कूल संचालकों में असमंजस की स्थिति है। हालांकि सितंबर 2017 में जब शिक्षा मंत्री विजय शाह ने हाजिरी में जय हिंद बोलने की पहल शुरू की थी, तभी यह स्पष्ट कर दिया था कि निजी स्कूल जय हिंद को लेकर खुद फैसला करने के लिए स्वतंत्र होंगे। लेकिन वर्तमान में जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट नहीं है।
सभी पर समान रूप से लागू होगा आदेश: इस संबंध में बीईओ सीबी तिवारी का कहना है कि आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि छात्रों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए प्रदेश की शालाओं में उपस्थिति लेते समय छात्र जय हिंद शब्द ही बोलेंगे। निजी स्कूलों को मान्यता शासन द्वारा प्रदान की जाती है तो शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कार्य करना होगा। इन सबसे हटकर यदि बात देशभक्ति की भावना जागृत करने की है तो निजी स्कूलों में अध्ययन कर रहे छात्रों को देश भक्ति की मुख्यधारा से दूर क्यों रखा जाए। निजी व सरकारी सभी स्कूलों में आदेश समान रूप से लागू होगा।