लटेरी कृषि उपज मंडी में उपज बेचने आए एक किसान की गुरुवार सुबह मौत हो गई। बीजूखेड़ी तहसील लटेरी निवासी 65 वर्षीय किसान मूलचंद मैना पिछले चार दिन से तौल के इंतजार में खरीदी केंद्र था। गुरुवार की सुबह शौच से लौटकर चाय पीने के बाद ट्रॉली के पास पहुंचते ही किसान मूलचंद चक्कर खाकर गिर पड़ा। आसपास के अन्य किसान दौड़कर वहां पहुंचे तब तक मूलचंद की मौत हो चुकी थी। पुलिस भी सूचना के बाद करीब 1 घंटे भर बाद पहुंची। पीएम के लिए मृतक का शव लटेरी अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां डॉक्टर नहीं था। इसलिए शव को सिरोंज भेजना पड़ा। विडंबना यह है कि जिंदा रहते किसान को अपनी उपज की तौल के इंतजार करना पड़ा, वहीं उसकी मौत के 5 घंटे बाद ही आनन-फानन में खरीदी केंद्र पर उपज की तौल भी करवा दी गई।
किसान की मौत के बाद खरीदी केंद्र पर मौजूद तमाम किसानों ने नार्फेड पर लापरवाही और अव्यवस्थाओं के आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन करगेट पर धरना प्रदर्शन कर किसानों ने जाम लगा दिया। जानकारी लगने पर एसडीएम अशोक कुमार मांझी, तहसीलदार शत्रुघ्न चौहान और एसआई बनवारी लाल मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर ने पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर दी है। मृतक की मौत का वजह पीएम के आधार पर प्रथमदृष्टया हार्ट अटैक से होना बताई जा रही है।
जिम्मेदार बोले- 12 मई का भेजा था मैसेज, किसान आया 16 को
शाम को प्रशासन ने भी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को भेजी है। जिसमें 16 मई को किसान मूलचंद मैना का केंद्र पर आने का हवाला दिया गया है। उक्त किसान की उपज की तौल कराने के लिए 12 मई को केंद्र पर आने का मैसेज भेजा गया था। लेकिन 12 मई को किसान तौल कराने केंद्र पर नहीं पहुंचा।
लटेरी उपज मंडी में हो रही समर्थन मूल्य पर चना व मसूर की खरीदी में उपज बेचने आए किसान मूल चंद्र की मौत