लक्ष्मणगढ़. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते पालिका कर्मचारी तथा दस्तेे के जाने के कुछ समय बाद ही सड़क के बीचों-बीच फिर से लगाए गए ठेले।
भास्कर न्यूज | लक्ष्मणगढ़
बुधवार को पालिका कार्यालय में पार्षदों द्वारा दिए गए धरने के दौरान आक्रोशित पार्षदों ने बाजारों में हो रहे स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण तथा यातायात की लगातार बदतर होती व्यवस्था का जिक्र करते हुए ईओ को सलाह दी थी कि आप एसी चैंबर से बाहर निकलकर कभी बाजार भी देखा करो।
भास्कर में छपी खबर एवं दो दर्जन से अधिक पार्षदों की नाराजगी को देखते हुए पालिका ने गुरुवार को बाजारों में अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। ईओ अनिल झिंगोनिया की अगुवाई में पालिका के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने लाल कुआं, चौपड़ बाजार, गणेशजी के मंदिर सहित अन्य बाजारों में बीच रास्ते पर लगे ठेलों, दुकानों पर हो रखे अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की। पालिका दस्ते ने जिन व्यापारियों की दुकानों के आगे कचरा पात्र नहीं थे तथा दुकानों के बाहर कचरा पाया गया, उनसे जुर्माने के रूप में 28 हजार रुपए वसूले।
घंटाघर के आसपास बीच सड़क पर ठेले लगते हैं। इसकी वजह से सड़क दो भागों में बंटकर बहुत ही संकरी रह जाती है जो आवागमन में परेशानी की वजह भी बनती है। गुरुवार को पालिका दस्ते ने बीच सड़क में लगने वाले इन हाथ ठेलों काे हटाने की कार्रवाई की। मौके पर ठेला धारकों ने विरोध भी किया, लेकिन पालिका कर्मचारियों ने एकबारगी उन्हें वहां से हटा दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार ठेलेवालों की पैरवी करने कुछ जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। इसके बाद पालिका का दस्ता आगे बढ़ गया। पालिका के दस्ते के लौटने के 10 मिनट बाद ही घंटाघर के पास बीच सड़क पर लगने वाले ठेले रोज की तरह वैसे ही बीचों बीच वापस लग गए, लेकिन इसकी सूचना होते हुए भी पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महज 200 मीटर दूर भी वापस घूमकर देखने की जहमत नहीं उठाई तथा जानबूझकर नजरअंदाज किया। कुल मिलाकर गुरुवार को पालिका का अभियान महज औपचारिक लगा।