लक्ष्मणगढ़ | संत निरंकारी मंडल लक्ष्मणगढ़ के गांव गंडूरा में शनिवार की रात को एक विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें पावटा से आए क्षेत्रीय संचालक गणपतराम ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची सेवा कहलाती है। निष्काम भावना की सेवा से ही हमारे मन में विनम्रता, प्यार, नम्रता, सहनशीलता के गुण प्रकट होते हैं तथा हमारे मन में आने वाले विकार जैसे द्वेष, हीन भावना, अहंकार जैसी कुरीतियां भी दूर हो जाती हैं। इससे पूर्व लक्ष्मणगढ़ स्थित सत्संग भवन पर संचालक ने सेवादार भाई-बहनों को स्वास्थ्य के लिए शारीरिक व्यायाम बताए। इस अवसर पर जल सिंह ने महात्माओं का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर कमलेश, चंद्रपाल, व मातादीन व मुकेश ने गीत प्रस्तुत किए।