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40 दिन से हत्यारों का नहीं लगा सुराग, कारोबार बंद कर लोगों ने सिटी पुलिस थाने के आगे दिया धरना

3 वर्ष पहले
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भट्ठा मालिक के कातिलों का 40 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से मृतक के परिजनों समेत विभिन्न संगठनों के सदस्यों में पुलिस के विरुद्ध रोष बढ़ने लगा था, जिसके चलते मंगलवार को लोगों ने अपने कारोबार पूर्ण तौर पर बंद कर पुलिस के विरुद्ध रोष प्रगट किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने सिटी पुलिस स्टेशन के समक्ष धरना देकर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएं।

मंगलवार की सुबह विभिन्न संगठनों के सदस्य मंदिर चौक में एकत्रित हुए। सैकड़ों की संख्या में जुटे के बाद लोग रोष मार्च करते हुए सिटी पुलिस स्टेशन के समक्ष पहुंचे। इस दौरान सदस्यों ने सभी दुकानदारों को अपने कारोबार बंद रखने के अपील की जिस कारण पूरा दिन कारोबार बंद रहे। हालात ऐसे थे कि कोई रेहड़ी तक भी नहीं दिखाई दी।

धरने में पहुंचे हलके के अकाली विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि पंजाब के हालात खराब हो चुके हैं। कहीं एटीएम लुटे जा रहे हैं तो कहीं पिस्तौल के बल पर कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसा खराब माहौल और लोगों में डर आतंकवाद के दौरान भी नहीं देखने को मिला था। पुलिस आरोपियों तक ही नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में इंसाफ की उम्मीद कैसे की जा सकती है। मृतक के चचेरे भाई यश पेंटर का कहना है कि यदि पुलिस ने आरोपियों को जल्द न पकड़ा तो संघर्ष ओर तेज किया जाएगा। इस मौके पर सतपाल सिंगला, वरिंद्र गोयल, अश्वनी सिंगला, अनिल गर्ग, गुरलाल सिंह, संजय सिंगला, सुखजिंदर, राजेश, रघुवीर भूटाल, राज कुमार, कृष्ण बांसल, प्रेम गुप्ता आदि उपस्थित थे। (वरिंदर)

लहरागागा में धरने को संबोधित करते विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा।

बाजारों में कोई रेहड़ी तक भी दिखाई नहीं दी

लहरागागा में पूरा दिन बंद रहा बाजार।

5 अप्रैल को मारी थी गोली

लहरागागा निवासी मृतक अशोक बांसल के बेटे रसीब बांसल ने बताया था कि उनका गांव कोहरियां से उभिया रोड पर ईंट का भट्ठा है। 5 अप्रैल को वह और उसके पिता काम खत्म कर गाड़ी में सवार हो भट्ठे से घर जा रहे थे। कि इस दौरान एक कार से दो नौजवान नीचे उतरे जिनके हाथ में पिस्टल पकड़े हुए थे। आरोपियों ने गाड़ी की खिड़की खोल उसके पिता को नीचे उतार लिया व पैसों की मांग की। इस दौरान एक आरोपी ने पिता के पेट में गोली मार दी। जिस कारण पिता जमीन पर गिर गया। जिसके बाद आरोपी कार में पड़ा लैपटॉप, 2 लाख 25 हजार रुपए नकद, भट्ठे के कागजात, मोबाइल व अन्य समान छिन कर फरार हो गए। जिसके बाद पिता को कोहरियां के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां से उसे पटियाला व उसके बाद चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान 28 अप्रैल की रात उनकी मौत हो गई थी। 29 अप्रैल और मृतक के भोग पर 10 मई को विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई थी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कमेटी का गठन कर एक सप्ताह में आरोपी पकड़ने का आश्वासन दिया था।

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