अनुभव नहीं होने के आधार पर चयन निरस्त करना गलत: हाईकोर्ट
लिखमीसर| ग्राम पंचायत सहायक पद पर अनुभव नहीं होने के आधार पर चयन निरस्त करने को हाईकोर्ट ने अवैध माना है। याचिकाकर्ता रामेश्वर बेनीवाल तथा पवन का चयन ग्राम पंचायत चिडिय़ागांधी व निमला में सहायक के पद पर 4.10.17 को हुआ था। इस पर सीईओ ने यह कहते हुए उनका चयन निरस्त कर दिया गया कि उनके पास विद्यार्थी मित्र का अनुभव प्रमाण-पत्र नहीं है। इस पर याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता जितेंद्रसिंह भलेरिया के माध्यम से याचिका दायर कर दी। जिसकी सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने प्रकरण को जिला परिषद सीईओ को इस निर्देश के साथ भेजा कि याचिकाकर्ता को सुनकर पुन: आदेश पारित किया जाए । जिला परिषद ने याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया लेकिन 16.3.18 को यह कहते हुए चयन निरस्त कर दिया कि यह साबित करने में असफल रहे है कि इनके पास विद्यार्थी मित्र का अनुभव है। उक्त आदेश के खिलाफ दोबारा रिट दायर की गई। भलेरिया ने कोर्ट को बताया कि इनका चयन निजी स्कूल के अनुभव को मानते हुए हुआ है। अत: उनको यह विद्यार्थी मित्र नहीं होने के कारण नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। अधिवक्ता के तर्कों सहमत होते हुए माननीय न्यायाधीश ने सीईओ के आदेश अपास्त करते हुए 30 दिन के अंदर याचिकाकर्ताओं को ग्राम पंचायत सहायक पद पर समस्त परिलाभों सहित नियुक्ति देने के आदेश दिए।