सुभाष चौक स्थित रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय समर कैंप का शुक्रवार को समापन हुआ। कैंप के अंतिम दिन बच्चों को मेहंदी, क्राफ्ट वर्क, पेंटिंग, मेकअप आदि के बारे में बताया गया। आकृति उदय नाट्य संस्था के रमेश कुमार ने कहा कि अच्छे नागरिक बनकर हमें देश के विकास में हसयोग करना चाहिए। एकाग्रता व ईमानदारी से हर काम में सफल अवश्य मिलती है।
वहीं गौतम चंदा ने कहा कि मनुष्य के जीवन का लक्ष्य सिर्फ जिंदगी जीना नहीं बल्कि अपने देश व समाज के लिए बेहतर कार्य करना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जिस लगन और मेहनत के साथ पांच दिन के समर कैंप में कई विधा सिखा है उसे जीवन में उतारकर वे बेहतर कर सकते हैं। डॉ अर्जुन देव शर्मा ने कहा कि समर कैंप में बच्चे शिक्षा के अतिरिक्त अन्य विशेष चीजों को सिखते हैं जो कि उनके जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।
वीरेंद्र मित्तल ने कहा कि बच्चों में उत्साह काफी अधिक होती है। बच्चे जो भी सिखते हैं उसे अपने आप पर लागू करते हैं। मालती वर्मा ने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य इस दौरान सिखाए गए कलाओं को अपने उपर लागू करना है। बच्चे कैंप में सिखाए गए बातों पर अमल कर इसे अपने निजी जीवन में उतारें।
मौके पर रामध्यान सिंह, कमलेश मित्तल, संगीता मित्तल, मालती देवघरिया, किरण कुमारी, जर्नादन सिंह आदि उपस्थित थे।