संगरूर| एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि आरएसएस की नीतियां सिख विरोधी होने के साथ-साथ अल्पसंख्यक विरोधी है। जो कि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरएसएस प्रचार कर रही है कि सिख हिंदू ही है। जब कि गुरु नानक देव जी ने निर्मल पंथ चलाया जिस के अनुसार सिख पंथ की स्थापना की गई थी। उन्होंने जनेऊ पहनने से इंकार का दिया था। जो कि हिंदू धर्म का अहम अंग है। सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना करके बिलकुल स्पष्ट कर दिया था कि सिख धर्म एक अलग धर्म है। इसलिए ऐसा प्रचार करना निराधार है। साहित्य के जरिए आरएसएस द्वारा किया जा रहा प्रचार बंद होना चाहिए। कभी सिखों की दस्तार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।