दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा गोबिंदगढ़ में पांच दिवसीय शिव कथा करवाई जा रही है। कथा के तीसरे दिन डॉ. हैप्पी, टोनी गरचा, डॉ. कुमार, कृष्ण, शाम सिंगला, नरेंद्र भारद्वाज ने ज्योति प्रचंड की। कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी दिवेशा भारती ने कहा कि गुरु नारद से आज्ञा पाकर मां पार्वती भगवान शिव की भक्ति करती हैंं। ईश्वर भक्ति का मार्ग गुरु से निकलता है। माता पार्वती ध्यान साधना में लीन हैं। वहीं, प्रभु द्वारा भेजे सप्त ऋषि देवी पार्वती की परीक्षा लेते हैं। उनका मार्ग विचलित करते हैं। मां पार्वती को गुरु वचनों पर अटूट विश्वास है। वह कहती हैं अगर स्वयं भगवान भी आकर कहें कि नारद की बात त्याग दो तो भी मैं गुरु की बात का त्याग नहीं करूंगींं। भगवान शिव विवाह के लिए राजी होते हैं। शिवगण उनका श्रृंगार करते हैं, जो अद्भुत और प्रेरणा से भरा है। उन्होंने कहा कि संत कहते हैं कि मानव शरीर के अंत से पहले जीवन लक्ष्य को प्राप्त करो। यदि यह समय हाथ से निकल गया तो फिर लौट कर नहीं आएगा। ब्रह्म ज्ञान द्वारा ही आत्मा जागृत हो सकती है।
पांच दिवसीय शिव कथा में मौजूद श्रद्धालु।
ये रहे मौजूद : इस अवसर पर शिव शक्ति मंदिर कमेटी के सदस्य प्रमोद राम, जतिन्द्र, मनोज शर्मा, श्रवण कुमार, अमर कुमार, राधा रमन मंदिर से कमलेश पांडे, राम यादव, जीत सिंह, मनन, सुभाष, राजेश राम, जय किशोर आदि उपस्थित रहे। कथा को विराम प्रभु की पावन आरती कर दिया गया।