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कांग्रेसी सरपंच का नाम आते पुलिस बैकफुट पर

3 वर्ष पहले
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गांव गोइंदवाल में इललीगल माइनिंग के मामले में कांग्रेसी सरपंच का नाम आने पर पुलिस बैकफुट है, क्योंकि कांग्रेसी सरपंच एक एमएलए के खासमखास बताए जाते हैं। हालांकि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने शनिवार दोपहर पुलिस को लिखित कहा है कि सरपंच और एक ठेकेदार सरकारी जमीन में इललीगल माइनिंग कर रहे है। इसलिए केस दर्ज किया जाए। पुलिस ने दो पोकलेन मशीनें भी काबू कीं। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के लेटर में कांग्रेसी सरपंच का नाम शामिल होने के बाद पुलिस अब इंक्वायरी की बात कर मामले को घूमा रही है। थाना लाडोवाल प्रभारी वरिन्दर पाल अब रेवन्यू डिपार्टमेंट की रिपोर्ट आने तक जांच की बात कर रहे है। रविवार को कानूनगो सुखमिंदर सिंह मौके पर जांच करने गए। उनके अनुसार जहां रेत उठाने का मामला हुआ है, वह जमीन फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की है। लेकिन फाइनल रिपोर्ट सोमवार को सबमिट करेंगे।

ऐसे खेला गया खेल

दरिया किनारे जमीन के मालिक जमीन समतल करने को परमिशन लेते हैं। पंजाब माइनिंग रूल्स 2013 के अनुसार जमीन समतल करते समय निकली मिट्टी को डिस्पोज भी कर सकता है। कुछ और किया तो माइनिंग एक्ट की कार्रवाई हो सकती है। गोइंदवाल के मामले में ऐसी परमिशन पुलिस के पास पेश कर खेत समतल करने की बात लिखी है पर सवाल ये है कि जमीन समतल करते समय दरिया का पानी क्यों रोका। इससे आशंका है कि पानी रोक माइनिंग कर रेत निकाली जानी थी पर मामला पॉलिटिकल होने से इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के लेटर की जांच कर रहे हैं। रेवन्यू डिपार्टमेंट ने अभी क्लियर नहीं किया है, जहां पोकलेन मशीनें काम कर रही थीं वह जगह रिपोर्ट में सरकारी जमीन साबित होने पर पुलिस कार्रवाई करेगी। -वरिंदर पाल, एसएचओ, लाढोवाल।

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