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अब सूबे में पहली मई को लॉन्च होगी एमआर वैक्सीन

3 वर्ष पहले
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देश को खसरा मुक्त करने के मकसद से मीजल रुबेला (एमआर) वैक्सीन एक मई को पूरे पंजाब में लॉन्च होगी। तीन हफ्तों तक चलने वाली इस मुहिम में जिले के 12.5 लाख बच्चों को टीके लगने हैं। डब्ल्यूएचओ ने 2020 तक भारत को खसरा मुक्त करने का टारगेट रखा है।

इस मुहिम के तहत जिस इलाके में भी खसरे का कोई केस मिलेगा, सेहत महकमा उसके कारणों की जांच करेगा और फेमली मेंबरों की हिस्ट्री खंगालेगा, ताकि कोई दूसरा परिवार चपेट में न आए। इस वायरस को पूरी तरह खत्म करने के लिए मीजल रुबेला (एमआर) वैक्सीन लॉन्च की जा रही है। देश के 13 राज्यों के सात करोड़ बच्चों को यह टीका लगाने के बाद एक मई को पंजाब में इसकी लॉन्चिंग होनी है। अब तक खसरे से बचाने के लिए बच्चे को जन्म के तुरंत बाद बीसीजी की डोज दी जाती है, लेकिन नई योजना के तहत बीसीजी के बाद नौ महीने की उम्र में एमआर की पहली खुराक दी जाएगी। इसके दूसरी खुराक 15वें महीने और तीसरी खुराक चार से छह साल की उम्र के बीच देनी होगी। इसके बाद बच्चा खसरे से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।

2020 तक भारत को खसरा मुक्त करने का है टारगेट, तीन हफ्तों तक चलेगी मुहिम, जिले में 12.5 लाख बच्चों को लगेंगे टीके

छूत की बीमारी है मीजल रुबेला

मीजल (खसरा) एक छूत की बीमारी है। मरीज के खांसने या छींकने से भी यह फैल जाती है। रुबेला (हल्का खसरा) वायरल इंफेक्शन है। गर्भवती को यह इंफेक्शन होने पर उसका गर्भपात हो सकता है। प्री-मेच्योर डिलीवरी हो सकती है। इतना ही नहीं इसकी इंफेक्शन की वजह से पैदा होने वाला बच्चा अंधा, बहरा या दिल की बीमारी से पीडि़त हो सकता है। अगर बच्चे को हल्का बुखार, डायरिया या मामूली बीमारी हो तो भी उसे यह टीका लगवाया जा सकता है। लेकिन अगर बच्चे को तेज बुखार, कोई अन्य गंभीर बीमारी है या बच्चा हॉस्पिटल में एडमिट है तो उसकी बीमारी की हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए यह टीका नहीं लगवाना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जी होने का डर रहता है।

लॉन्चिंग के लिए हो चुकी पूरी तैयारी: डॉ. जसबीर

पिछले साल दिसंबर महीने से ही एमआर वैक्सीन को लेकर ट्रेनिंग चल रही है। सभी एसएमओ, गाइनीकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन और एनएनएम को इस संबंध में अपडेट किया जा चुका है। सरकार ने लॉन्चिंग के लिए एक मई की तारीख फाइनल की है। इसके लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। -डॉ. जसबीर सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी

सभी को वैक्सीन लगवाना जरूरी

एमआर वैक्सीन लगवाना सभी के लिए जरूरी है। क्योंकि इससे मीजल (खसरे) की बीमारी और रुबेला वायरस को खत्म किया जा सकता है। मीजल बच्चों और रुबेला महिलाओं के लिए खतरनाक है। -डॉ. विकास बंसल, पीडियाट्रिशियन

जरूरतमंद बच्चों को मिलेगी मदद

अमीर आदमी तो हर तरह की वैक्सीन खरीद कर लगवा सकता है, लेकिन गरीब लोगों को तो सरकार की ओर से लॉन्च होने वाली वैक्सीन पर ही निर्भर रहना पड़ता है। इसलिए हम लोग सरकार का धन्यवाद करते हैं कि वह गरीब बच्चों का भला सोचकर यह वैक्सीन लागू कर रही है। धर्मवीर सिंह, निवासी डाबा कॉलोनी

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