जगराओं पुल: सियासी नेताओं के ‘वोट बैंक’ के चक्कर में फंसे परेशान कब्जाधारी पहुंचे कोर्ट
निगम ने कुछ दिन पहले जगराओं पुल के नीचे कब्जा किए बैठे लोगों को यह कहकर नोटिस दे दिए कि उन्हें मुंडियां में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद ग्यासपुरा में ले जाने का फैसला किया, लेकिन वहां के भी अभी तक अलॉटमेंट लेटर इन्हें नहीं दिए जा सके हैं। निगम एक्सईएन कर्मजीत सिंह ने कहा कि वो इसकी तैयारी कर रहे थे, लेकिन गिल फ्लाईओवर गिरने के बाद अब उनकी टीम वैकल्पिक रूटों पर पैचवर्क में बिजी है। अलॉटमेंट का काम अब इसके बाद देखा जाएगा।
सही तरीके से बसाने में नगर निगम के असफल होने के बाद बढ़ रहा गुस्सा
स्थानीय अदालत में दायर किया केस, जिसकी सुनवाई है कल
सिटी रिपोर्टर | लुधियाना
सियासी नेताओं के वोट बैंक के चक्कर में फंसे कब्जाधारी अब कोर्ट पहुंच गए हैं। परेशान लोगों ने यहां की अदालत में केस दायर कर दिया है, जिसकी सुनवाई 17 मई को होगी। इसमें उन्होंने तर्क दिया है कि जब उनके पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड, सीवरेज-पानी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन हैं तो फिर उन्हें उजाड़ा क्यों जा रहा है। खासकर, उन्हें कहीं दूसरी जगह बसाने के बारे में गंभीरता से प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। शुरुआत में कांग्रेसी नेता क्रेडिट के चक्कर में वहां पहुंच गए थे, लेकिन अब कब्जाधारियों को सही तरीके से बसाने में निगम के असफल होने के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ने लगा है। बता दें कि वोट के लिए नेताओं ने इललीगल कब्जा होने के बावजूद इनके सारे डॉक्यूमेंट्स बनवा दिए और यहां तक कि निगम से सीवरेज-पानी की लाइन डलवा उन्हें कनेक्शन तक दे दिए।
इस बारे में वहां रहने वाले बलदेव ने बताया कि पहले सांसद रवनीत बिट्टू, मेयर बलकार संधू, एमएलए भारत भूषण आशु और संजय तलवार ने आकर उन्हें कहा कि प्लॉट देंगे। हम तैयार हो गए कि लोन लेकर घर बना लेंगे। इसके बाद उससे मुकर गए और फिर कहा कि मुंडियां में फ्लैट देंगे, फिर उससे भी मुकर गए। अब उन्हें ग्यासपुरा में फ्लैट लेने के लिए कहा जा रहा है। उसमें भी पूरे परिवारों को फ्लैट नहीं दिए जा रहे। बलदेव ने कहा कि एक घर में अगर 5 भाई हैं तो उन्हें सिर्फ एक फ्लैट दिया जा रहा है। ऐसे में वो कैसे रहेंगे। उन्होंने इस बारे में वार्ड कौंसलर से बात की तो उन्होंने कहा कि 110 फ्लैट ही मिलेंगे। हर जगह से नेताओं के मुकरने के बाद मजबूर होकर वो कोर्ट में गए हैं।
अभी तक जारी नहीं हो सके अलॉटमेंट लेटर
कब्जों की वजह से लटक रहा है काम
बता दें कि जगराओं पुल के भारत नगर चौक जाते हिस्से को रिपेयर करने का काम अभी तक ढंग से शुरू नहीं हो सका है। कब्जों की वजह से वहां मशीनरी खड़ी करने के लिए जगह नहीं है, इस वजह से कंस्ट्रक्शन कंपनी के काम में दिक्कत हो रही है। इस वजह से उन्हें सिर्फ पुल के ऊपर पड़े प्रीमिक्स को ही उखाड़ने का काम करना पड़ रहा है।