ज्येष्ठ मास में पशु-पक्षियों की सेवा से मिलता है कई गुना फल
बाजवा नगर स्थित वेद निकेतन धाम में महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती जी महाराज की अध्यक्षता में संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया गया। स्वामी वेद भारती जी महाराज ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि जब सूर्य भगवान मेष राशि से निकल कर वृष राशि में प्रवेश करते हैं तो ज्येष्ठ मास का आरंभ होता है। यह मास ग्रीष्म मास कहलाता है। इस मास में पशु-पक्षियों को दाना पानी की सेवा करने से कई गुणा ज्यादा फल प्राप्त होता है और मनुष्य के जन्मों-जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। इस मास में लंगर लगाकर इंसान को करोड़ों गुणा फल मिलता है। इस दौरान उन्होंने सभी को पशु-पक्षियांे की सेवा करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने छतों पर पक्षियों के लिए दाना जरूर रखें। इस मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गुरू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।