थाना हैबोवाल के अंतर्गत आती चौकी जगतपुरी में हाईकोर्ट से सोमवार शाम को आए वॉरंट अफसर की टीम ने रेड कर दो युवकों को छुड़ाया। युवकों के परिजनों का आरोप था कि चौकी इंचार्ज कपिल शर्मा ने उन्हें पिछले 10 दिन से अवैध हिरासत में रखा है। जबकि कपिल शर्मा ने आरोपों का खंडन कर कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं था। पता चलते ही एसीपी गुरप्रीत सिंह, इंस्पेक्टर परमदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन गिल ने मामला संज्ञान में आने के बाद चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया।
नाबालिग के पिता ने बताया कि 12 मई को पुलिस उसके बेटे और उसके दोस्त को जबरदस्ती घर से लेकर गई थी। वह उन्हें छुड़वाने के लिए लगातार चौकी के चक्कर लगाता रहा, लेकिन किसी ने एक न सुनी। आखिर में उसने हाइकोर्ट में याचिका लगाई तो कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने वॉरंट अफसर को भेजा। पीड़ित ने बताया कि भनक लगते ही पुलिस ने दोनों युवकों को चौकी से निकाल कर पास ही कार गैरेज में भेज दिया। जब वह चौकी की तरफ जा रहे थे तो गैरेज में पहुंच गए। उनके पहुंचते ही वहां पर मौजूद पुलिस मुलाजिम पुलिस की टवेरा गाड़ी छोड़ कर खिसक गए। इस पर वॉरंट अफसर ने दोनों नाबालिगों को उनके हवाले कर दिया। चौकी इंचार्ज कपिल शर्मा का कहना था कि उन्होंने कार गैरेज में गाड़ी धाेने को भेजी थी। उन्हें नहीं पता कि युवक किस तरह से वहां पहुंच गए।