वहीं, शहर में लगने वाले एडवरटाइजमेंट की मंजूरी व निगरानी
वहीं, शहर में लगने वाले एडवरटाइजमेंट की मंजूरी व निगरानी के लिए एडवरटाइजमेंट रेगुलेटरी कमेटी सरकार पॉलिसी में ही तय कर चुकी है। जो कमिश्नर की अगुवाई में बनेगी। इसमें डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, पावरकॉम, बीएसएनएल, ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई व ट्रांसपोर्ट महकमे के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके लिए भी सभी महकमों को लेटर लिखकर संबंधित अफसर यानि प्रतिनिधि के बारे में पूछा जा रहा है। पॉलिसी का सख्ती से पालन हो, इसके लिए यह कमेटी काम करेगी।
निगम की कवायद
एडवरटाइजमेंट बायलॉज कमेटी बनी, काम शुरू करने को कमिश्नर की मंजूरी का इंतजार
एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल को बनाया गया कमेटी का चेयरमैन
सिटी रिपोर्टर | लुधियाना
नई एडवरटाइजमेंट पॉलिसी जारी होने के बाद बायलॉज बनाने के लिए नई कमेटी बना दी गई है, जिसमें एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि नगर निगम के चारों जोनों के जोनल कमिश्नर, लीगल एडवाइजर और एडवरटाइजमेंट के हेडक्वार्टर सुपरिंटेंडेंट और इंस्पेक्टर भी शामिल होंगे। यह कमेटी बनाकर अप्रूवल के लिए निगम कमिश्नर को भेज दी गई है। निगम कमिश्नर जसकिरन सिंह ने फाइल मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही इसे मंजूरी देकर बायलॉज तैयार कराए जाएंगे, जिन्हें लागू करने से पहले मंजूरी के लिए निगम हाउस में रखा जाएगा। बता दें कि सरकार ने पॉलिसी में यह स्पष्ट कर दिया है कि कहां एडवरटाइजमेंट लग सकती है और कहां नहीं? लेकिन जहां एड लगनी है, वहां कितनी स्पेस दी जाएगी और लोकेशन कौन सी होगी, इसके बारे में बायलॉज के जरिए फाइनल किया जाएगा। वहीं, रेट तय करने का काम भी इसी कमेटी को करना है। सरकार ने इसमें जुर्माना तय करने का अधिकार भी निगम के पास छोड़ा है।
नई पॉलिसी आने के बाद लोकेशन, स्पेस और रेट तय करेगी कमेटी, फिर हाउस से होगी अप्रूवल
दूसरे महकमों से मांग रहे रेगुलेटरी कमेटी मेंबरों के नाम
लेटर रिसीव होने के बावजूद अभी तक कोई एक्शन नहीं
उधर, पॉलिसी जारी होने के बाद इललीगल तौर पर लगी एडवरटाइजमेंट को हटाने के लिए अभी तक ग्राउंड पर एक्शन शुरू नहीं हुआ है। इस मामले में एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल ने सभी जोनल कमिश्नरों को लेटर भेज दस दिन में कार्रवाई कर सर्टिफिकेट देने को कहा था। यह लेटर जोनल कमिश्नरों के दफ्तर में रिसीव हो चुके हैं लेकिन अभी तक किसी भी जगह कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। खासकर, बिना मंजूरी के बिल्डिंगों की छतों व दीवारों पर लगी एडवरटाइजमेंट हटाने के मामले में जोनल कमिश्नर स्तर पर देरी की जा रही है। वहीं, कमिश्नर जसकिरन सिंह ने कहा कि जल्द ही पॉलिसी को सख्ती से लागू करने के लिए ग्राउंड लेवल पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।