आत्महत्या को मजबूर करने पर पार्षद, एएसआई समेत 7 पर केस
क्राइम रिपोर्टर|नवांशहरलुधियाना
स्थानीय आर्य समाज रोड स्थित मोहल्ला गोबिंदगढ़ निवासी प्रेम सिंह द्वारा जहर निगल आत्महत्या करने के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने लुधियाना के रायकोट थाने में तैनात एक एएसआई, एक पार्षद समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मृतक द्वारा लिखे सुसाइड नोट व उसकी प|ी के बयानों के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस को दिए अपने बयान में मृतक की प|ी शारदा रानी ने बताया कि उसका पति प्रेम सिंह रायकोट के कुछ लोगों के साथ मिलकर काम करते थे। लेकिन पिछले दो सालों से उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी, और उनके साथ काम छोड़ दिया। इसके बाद रायकोट के एक पार्षद पप्पी, गुरमीत सिंह व रायकोट थाने का एक एएसआई तरसेम लाल उसके पति से रुपए की मांग करते थे तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे। शारदा रानी के अनुसार उसके पति ने पहले इन लोगों को पैसे दिए भी थे, लेकिन आरोपी उन्हें तंग करते रहे। निराशा में उसके पति ने 12 अप्रैल को जहर खा लिया। 13 अप्रैल को हरबंस अस्पताल में मौत हो गई। उसके पति ने 8 अप्रैल को एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें तीनों लोगों के अलावा सोनी, सतनाम, सर्बजीत व सुखप्रीत के नाम भी लिखे हैं, लेकिन इन के पते के बारे में कुछ भी नहीं लिखा। पुलिस ने फिलहाल एफआईआर फार्म में तीन लोगों के नाम ही दिए हैं। एसएचओ शहबाज सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से शारदा रानी के बयानों व सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं इस मामले एएसआई थाना सिटी रायकोट तरसेम लाल से बात की तो उन्होंने बताया कि नवां शहर निवासी प्रेम के खिलाफ कई लोगों ने दरखास्तें दी थीं। उनसे प्रेम कुमार ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए लेकिन उनको विदेश नहीं भेजा।जिस पर दोनों पार्टियों को बुलाकर थाना सिटी में बयान दर्ज किए गए किसी को कोई टॉर्चर नहीं किया गया।
दिल्ली में रहते रायकोट के ट्रैवल एजेंटों से हुई पहचान
मृतक की प|ी शारदा रानी ने बताया कि पति प्रेम सिंह पहले दिल्ली में कपड़े का काम करते थे। रायकोट में ही कुछ लोग ट्रेवल एजेंट का काम भी करते थे, जिनके साथ उसके पति की भी पहचान हो गई। शारदा रानी का कहना है कि उनके पति दिल्ली में रहने के दौरान कभी-कभी नवांशहर आते थे, लेकिन पिछले ढाई सालों से उनके पति अस्वस्थ रहने लगे थे। इसके बाद वे नवांशहर में ही आकर रहने लगे थे।