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2016 में रमनदीप को भेजे दो पिस्तौल पकड़े थे पुलिस तभी एक्टिव हो जाती तो टाल सकती थी हत्या

3 वर्ष पहले
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2016 में थाना फोकल प्वाइंट पुलिस ने गैगस्टर रमनदीप के मंगवाए गए दो पिस्तौल बरामद किए थे। लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से गहनता से पूछताछ नहीं की। जांच होती तो रमनदीप का नेटवर्क टूट सकता था और आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की जान भी बच सकती थी। क्योकिं रमनदीप व शेरा की तरफ से 18 जनवरी 2016 के बाद ही सारी वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जो कि गुगनी के कहने पर रमनदीप सिंह को दो पिस्तौल सप्लाई करने के लिए जा रहे थे, जिसका भुगतान यूके में 2 हजार डॉलर का गुगनी के चचेरे भाई को किया गया था। इसका खुलासा रमनदीप ने पूछताछ के दौरान एनआईए को किया था कि उसके दोबारा मंगवाए गए दो पिस्तौल थाना फोकल प्वाइंट की पुलिस ने पकड़ लिए थे।

पुलिस ने आर्म एक्ट का मामला दर्ज किया था। पुलिस को सूचना मिली कि सेट्रल लुधियाना में बिहार का मुकेश बंद है। उसका संपर्क साहिब सिंह, अजय, नवप्रीत सिंह से है। वह अक्सर पेशी के दौरान कोर्ट में इनसे मिलते थे। इन लोगों ने मुकेश के जरिए बिहार में मनजीत व उसके भाई सुदेश से असलहे मंगवाए हैं। सुदेश ट्रेन से ढंडारी स्टेशन पर डिलीवरी करने आ चुका है और साहिब सिंह, अजय, नवप्रीत सिंह व एक अन्य व्यक्ति को इन लोगों से कंटेनर यार्ड में मिलना है। सूचना मिली थी कि यह लोग मोहल गन हाउस फरीदकोट, पाल गन हाउस घुमार मंडी व टोनी गन हाउस कोटकपूरा से अवैध कारतूस लेते हैं। जिस पर नाकाबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

चार्जशीट में खुलासा | शेरा को रवि ने व रमन को गुगनी ने दिलाए थे पिस्तौल

शेरा और रमनदीप ने खरीदे थे 10 हथियार

गौतम मुकेश | लुधियाना

पंजाब में टारगेट किलिंग मामले में एनआईए ने आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं मामले में कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल करते हुए खुलासा किया है कि शेरा व रमनदीप कनैडियन ने वारदात को अंजाम देने के लिए 10 हथियार खरीदे थे। हरदीप सिंह उर्फ शेरा ने 5 हथियार खरीदे, जिसके लिए वह कई बार मेरठ गया। शेरा के मेरठ जाकर हथियार खरीदने की बात उसके मोबाइल लोकेशन से भी पक्की हो गई। रमनदीप ने भी गैगस्टर गुगनी के जरिए 5 हथियार खरीदे। हालांकि एक बार हथियारों की सप्लाई के दौरान रमनदीप के दो हथियार पुलिस ने जब्त भी कर लिए थे। लेकिन फिर उसने दोबारा हथियार मंगवाए थे। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 5 हथियार बरामद किए। जिनमें से दो हथियार रमनदीप सिंह व तीन हथियार हरदीप सिंह शेरा से बरामद किए गए हैं। रमनदीप से बरामद किए गए दो हथियारों में से एक हथियार हरदीप सिंह ने खरीदा हुआ, जबकि शेरा से बरामद किए हथियारों में से एक 30 बोर का पिस्तौल रमनदीप सिंह ने गुगनी से खरीदा था। चार्ज शीट में कहा कि जांच के दौरान दोनों ने चार हथियार जालंधर बाईपस के निकट मल्होत्रा पैलेस के निकट किसी स्थान पर छुपाए थे। लेकिन बाद में वह हथियार नहीं मिल सके। हथियार खरीदने के लिए दोनों को फंड अलग अलग लोगों के जरिए उपलब्ध करवाए गए थे।

एनआईए ने 15 को किया नामजद, एक डिस्चार्ज

कोर्ट में दाखिल की गई चार्ज शीट में एनआईए ने शेरा व रमनदीप को मुख्याआरोपी बताते हुए 15 अन्य लोगों के नामजद किया है। जिसमें धर्मन्द्र सिंह उर्फ गुगनी, अनिल कुमार उर्फ काला, जगतार सिंह जोहल उर्फ जग्गी उर्फ जोहर, अमनेन्द्र सिंह, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, रविपाल, पहद सिंह, परवेज उर्फ फरू,मलूक टोमर, हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी, गुरजिंदर सिंह उर्फ शास्त्री, गुरशरणवीर सिंह, गुरजंट सिंह शामिल है। इस मामले में शामिल हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू की मौत हो चुकी है और जबकि तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी के खिलाफ कोई भी सबूत न मिलने के कारण उसे डिस्चार्ज करने की सिफारिश की गई है।

रविपाल ही शूटर शेरा को मेरठ लेकर गया था

ट्रेनिंग के दौरान ही दोनों को वारदात के लिए खुद ही हथियारों का बंदोबस्त करने को कहा गया था। दोनों ने हथियार सितम्बर 2015 से जुलाई 2017 के बीच में खरीदे। शेरा की अपने रिश्तेदारों के जरिए आरोपी रविपाल से जानपहचान हुई थी। रविपाल हथियार खरीदने के लिए शेरा को मेरठ लेकर गया। पहले बार शेरा ने 32 बोर का पिस्तौल 65 हजार रुपए कैश देकर खरीदा था। फिर मई 2017 में शेरा हथियार खरीदने मेरठ मनप्रीत संग गया। मनी ने वहां पहद सिंह से देसी कट्टा 3 हजार में खरीदा था। आते जाते समय शेरा मलूक की मुलाकात हुई। गोसाई की हत्या में प्रयोग 32 बोर का पिस्तौल मलूका से व दूसरा 30 बोर का पिस्तौल रमनदीप सिंह ने जुलाई 2017 में रमनदीप ने गुगनी से खरीदा था।

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