एंबुलेंस 108: किसी के टायर घिसे तो कहीं जरूरी उपकरण नहीं
किरनवीर सिंह मांगट | लुधियाना
सेहत महकमे की सेहत सुविधाएं अपग्रेड करने के मकसद से जो एंबुलेंस-108 सर्विस शुुरू की गई थी, खुद बदहाली का शिकार हो चुकी है। कुल 30 एंबुलेंस में से ज्यादातर के टायर घिस चुके हैं। वहीं कई एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर भी खराब पड़े हैं। ऐसे में उन पर चलने वाले स्टाफ मेंबर सात महीने से सैलरी न मिलने से खुद आर्थिक संकट से घिरे हैं।
मरीजों लेकर जाते समय खटारा हो चली कई एंबुलेंसों के ड्राइवर तो इनको चलाते हुए भी डरते हैं। दरअसल इमरजेंसी में तेजी से रास्ता तय करना होता है। ऐसे में साइरन भी खराब होने की वजह से रात में आगे चलते और सामने से आ रहे वाहनों को भी अलर्ट नहीं कर पाते हैं। अगर मरीज को लाते वक्त पुराने टायर पंक्चर हो जाएं तो कई एंबुलेंस में बदलने के लिए स्टपनी तक नहीं हैं। गौर हो कि एबुलेंस सर्विस एक प्राइवेट कंपनी के जरिए चल रही है, जबकि इसकी निगरानी पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन करती है। सैलरी न मिलने की वजह से ड्राइवर यूनियन ने कंपनी को एक जून से चक्का जाम करने की चेतावनी दे रखी है। एंबुलेंस पर ड्राइवर के साथ एक टैक्नीशियन तैनात होता है।
ड्राइवर यूनियन ने लगाए इलजाम: ड्राइवर यूनियन के प्रधान बिक्रम सिंह सैनी ने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद स्टाफ को 7 महीने से सैलरी नहीं मिली। इसके बावजूद स्टाफ ड्यूटी कर रहा है।
पीएचएससी का दावा, कोई शिकायत नहीं मिली: पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन के एमडी वरुण राजम ने बताया कि उनके पास लुधियाना की कोई भी इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। ड्राइवरों की सैलरी एक महीना लेट है, मगर वह भी जल्द दी जाएगी। शहर की हर एंबुलेंस को चेक करवाएंगे, अगर कोई कमी होगी तो दूर कराएंगे।
हेल्थ-अलर्ट
(बाएं) एंबुलेंस का खराब टायर। (बीच मेंं) आक्सीजन सिलेंडर जो पूरी तरह से खराब हो चुका है। (दाएं) वहीं खराब हालत में पड़ा अग्नि शमन यंत्र। फोटो : भास्कर
कंपनी का दावा, एंबुलेंस की खामियां जल्द होंगी दुरुस्त
एंबुलेंस की सर्विस दे रही जिकिट्जा कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सुकेत मुखर्जी ने कंपनी के बचाव में तर्क दिया कि बेशक एंबुलेंसों के टायर पुराने हो गए हैं, क्योंकि ये एंबुलेंसें 7 साल पुरानी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही एंबुलेंसों को चेक कराएंगे। जो भी खामियां हैं उन्हें दूर कराने के अलावा ड्राइवरों की सैलरी भी जल्द दी जाएगी।