हॉकी से जुड़े पंजाबियों के जज्बात: तभी तो डॉ. सुरजीत पातर भी हौसला आफजाई करने पहुंचे पंजाबी फिल्म की टीम का
कहा- फिल्म से हॉकी को प्रमोट करने से युवा वर्ग भी जरूर होगा इंस्पायर
सिटी रिपोर्टर | लुधियाना
हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है, लेकिन पिछले कई सालों से उसकी जितनी दुर्दशा हुई है, उतनी किसी खेल की नहीं हुई। दुनिया में हॉकी के नाम पर एक टीम और एक देश गिना जाता था और वह था भारत। आजादी के बाद जिस हॉकी को हमने देखा और जो जज्बा खिलाड़ियों में देखा था, वह आज कम होता दिखाई देता है। इसके पीछे वजह जो भी हो, लेकिन हॉकी खेल का अस्तित्व नहीं खत्म होना चाहिए। कुछ ऐसे जज्बात जाहिर किए पंजाब आर्ट्स कौंसिल के चेयरमैन और पद्मश्री कवि डॉ. सुरजीत पातर ने। वह खासतौर पर हॉकी को बढ़ावा देने के मकसद से बनी पंजाबी फिल्म खिदो खुंडी की टीम की हौसला आफजाई करने पहुंचे थे, जो यहां प्रमोशन के लिए आई थी। डॉ. पातर ने कहा कि यह उम्मीद जगाने वाला पहलू है कि पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री फिर से ट्रैक पर आने के साथ ही सार्थक फिल्में बन रही हैं। इसी कड़ी में फिल्म के जरिए हॉकी को प्रमोट करने से युवा वर्ग भी जरूर इंस्पायर होगा।
गौर हो कि इस खेल के गौरवशाली अतीत को समेटे जालंधर के पास गांव बसे गांव संसारपुर की कहानी यह फिल्म बताएगी। इस गांव ने देश को 15 हॉकी ओलंपियन दिए हैं। फिल्म की टीम को भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह ने ट्रेनिंग दी है। इसकी स्टारकास्ट रंजीत बावा, मैंडी, एलनाज नोरौजी और मानव विज यहां पहुंचे तो पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व प्रधान प्रो. गुरभजन सिंह गिल भी उनको आशीर्वाद देने आए।
हॉकी को बढ़ावा देने के मकसद से बनी पंजाबी फिल्म खिदो खुंडी की टीम का लुधियाना पहुंचने पर हुआ स्वागत
पंजाबी फिल्म खिदो खुंडी की टीम के साथ पद्मश्री सुरजीत पातर और अन्य।
गेम कोई भी, परफॉर्मेंस बेहतर हो तो मिलता है पूरा सपोर्ट: गगन अजीत
इंडियन हॉकी स्टार और यहां तैनात डीसीपी गगन अजीत सिंह भी ऐसी कोशिशों से उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी पंजाब का विरासती खेल है। हॉकी पर बनी फिल्म से यूथ को एक मैसेज मिलेगा। स्कूलों में भी ऐसी सब्जेक्टिव फिल्मों को दिखाया जाना चाहिए। युवाओं को नशों से दूर रहकर फिटनेस और स्पोर्ट्स की तरफ रुख करना चाहिए। हॉकी को लेकर यूथ को इंस्पायर करने की जरूरत है, ताकि वे हॉकी में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर सकें। गेम कोई भी हो, अगर परफॉर्मेंस बेहतर होगी तो पूरा सपोर्ट मिलता है। बॉलीवुड फिल्म चकदे में जहां हॉकी को प्रमोट किया गया। इसी सब्जेक्ट पर अब पंजाबी में बनी फिल्म भी युवा वर्ग को प्रेरित करेगी।