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अब हदबंदी में नहीं उलझेगी पुलिस, नोटिफिकेशन जारी

3 वर्ष पहले
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पुलिस कमिश्नरेट के अंडर आते थानों में आमतौर पर पब्लिक को शिकायत होती है कि क्राइम होने पर पुलिस हदबंदी में उलझ जाती है। अब पब्लिक की यह परेशानी खत्म होने वाली है। प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए थानों में आते इलाकों की नई रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इसमें ऐसा सिस्टम बनाया गया है कि कहीं भी क्राइम होते ही चंद मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच जाए और कहीं भी हदबंदी को पुलिस आपस में बहसबाजी न करे और लोगों को परेशानी न हो। यह ख्याल भी रखा गया है कि नेशनल हाईवे, पुल, नहर, रेलवे लाइन की साइडों को लेकर भी हदबंदी की कोई प्रॉब्लम न हो।

जानकारी के अनुसार, शहर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां क्राइम होने पर 90 फीसदी लोगों को हदबंदी में जूझना पड़ता है। मौजूदा समय शहर में 28 थाने हैं। इनमें थाना सलेम टाबरी, बस्ती जोधेवाल, डिवीजन पांच, डिवीजन आठ, डाबा, शिमलापुरी, मॉडल टाउन, हैबोवाल, फोकल पॉइंट, सदर, मोती नगर, पीएयू, डिवीजन छह, जमालपुर के इलाकों में पुलिस को अपने इलाके में हदबंदी से जूझना पड़ता है। इसका कारण यह है कि इन थानों में आने वाले एरिया दूसरे थानों के इलाके पड़ते हैं। अब ऐसे सभी एरिया नजदीक के थानों के साथ जोड़े जा रहे हैं।

जिस थाने के पास होगा एरिया, उसी में होगी कार्रवाई, सभी एसीपी में बराबर बांटे जाएंगे थाने
अभी अकेले जगराओं पुल पर ही पड़ते हैं तीन थाने
जगराओं पुल के रैंप से नीचे उतरकर फील्ड गंज की ओर जाते हुए पूरी कलगीधर रोड तक पूरा डिवाइडर है। वहां अगर सड़क के बाईं ओर कोई क्राइम हो तो चौड़ा बाजार में स्थित कोतवाली से पुलिस को आना पड़ता है। वहीं, दाईं ओर की सड़क थाना डिवीजन नंबर दो की हद में आती है, जो फील्ड गंज में ही बना है। जगराओं पुलिस के ऊपर अकसर हदबंदी की प्रॉब्लम सामने आती है, यहां थोड़ा-थोड़ा हिस्सा, डिवीजन दो, पांच और कोतवाली के अंडर आता है। वहीं, डिवीजन नंबर पांच के बाहर कुछ हो तो डिवीजन आठ पुलिस को आकर कार्रवाई करनी पड़ती है। ऐसे ही सलेम टाबरी के इलाके थाना बस्ती जोधेवाल और जोधेवाल के सलेम टाबरी के अंडर आते हैं। थाना सदर की स्थिति और भी अलग है। थाना सदर और डिवीजन नंबर आठ बिल्कुल साथ हैं। वहीं, एसीपी और एडीसीपी दफ्तर भी हैं, लेकिन अगर थाना सदर के अंदर भी कुछ हो तो वह खुद कार्रवाई नहीं कर सकते, उन्हें डिवीजन आठ में शिकायत देनी पड़ती है। यही हालात थाना हैबोवाल के हैं, वहां डिवीजन चार को कार्रवाई करनी पड़ती है। बाकी थानों में ही ऐसे ही हालात हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हर थाने के बाहर और आसपास का इलाका उसी थाने को दिया जाएगा।

बदले जाएंगे सभी एसीपी के अंडर आते थाने
शहर में थानों को 8 एसीपी में बांटा गया है। सभी एसीपी के अंडर आने वाले थानों की गिनती अलग है। एसीपी नॉर्थ का दफ्तर थाना कोतवाली में है, उनके अंडर थाना कोतवाली, सलेम टाबरी, डिवीजन चार है। एसीपी सेंट्रल का दफ्तर डिवीजन दो में है, उनके अंडर डिवीजन दो, तीन, छह और दरेसी है। एसीपी साउथ का दफ्तर शेरपुर चौक है, उनके अंडर थाना डाबा और फोकल पॉइंट है। एसीपी आत्म नगर का दफ्तर दुगरी रोड पर चौकी आत्म पार्क के साथ है, उनके अंडर मॉडल टाउन, दुगरी और शिमलापुरी है। एसीपी वेस्ट का दफ्तर थाना सराभा नगर के साथ है, उनके अंडर सराभा नगर, पीएयू, डिवीजन पांच और आठ हैं। एसीपी सदर का दफ्तर रखबाग के पास है, उनके अंडर थाना सदर, डेहलों, लाडोवाल और हैबोवाल है। एसीपी ईस्ट का दफ्तर थाना डिवीजन नंबर 7 में है, उनके अंडर डिवीजन सात, बस्ती जोधेवाल और मोती नगर है। एसीपी साहनेवाल के दफ्तर साहनेवाल में है, उनके अंडर थाना साहनेवाल, मेहरबान, कूमकलां और जमालपुर आते हैं। इनमें ऐसे कई इलाके हैं, जहां क्राइम होने की सूरत में संबंधित एसीपी को पहुंचने में आधे से पौना घंटा लगता है। अब सभी एसीपी को बराबर थाने बांटे जाएंगे और उनके अंडर आते थाने भी बदले जाएंगे।

थाना शहीद भगत सिंह नगर खत्म, टिब्बा चौकी को बनाया थाना

नई हदबंदी में जहां थाना शहीद भगत सिंह नगर को खत्म कर दिया गया है। वहीं, टिब्बा पुलिस चौकी को थाना बना दिया गया है। अब एसबीएस नगर थाने के इलाकों थाना सराभा नगर और सदर में बांटा गया है। थाना मेहरबान के कई इलाके जो टिब्बा चौकी के पास पड़ते हैं, उसे टिब्बा रोड थाने के साथ जोड़ा गया है।

पब्लिक की परेशानी होगी खत्म : सीपी

नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इससे जहां पब्लिक की परेशानी खत्म होगी। वहीं, पुलिस के लिए भी कंफ्यूजन नहीं रहेगी। -डॉ. एसएस गिल, पुलिस कमिश्नर

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