पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ludhiana
  • ब्लैक डे मनाने को कल कारोबारी पहनेंगे सफेद शर्ट और उस पर लगाएंगे काला टैग

ब्लैक डे मनाने को कल कारोबारी पहनेंगे सफेद शर्ट और उस पर लगाएंगे काला टैग

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंजाब के इतिहास में पहली बार शहर के कारोबारी करीब 800 करोड़ रुपए का एक साल से अटका वैट रिफंड रिलीज करवाने को सफेद शर्ट पहन और काले रंग का टैग लगा पंजाब सरकार के खिलाफ विश्वकर्मा चौक पर धरना देकर रोष जताएंगे। वैट रिफंड और बिजली टैरिफ को लेकर सबसे पहले ऑटो पार्ट्स मेन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने पंजाब सरकार के खिलाफ 17 अप्रैल को प्रोटेस्ट का एेलान किया था और अब ये धरना इंडस्ट्री के हकों की लड़ाई बनता दिखने लगा है। ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के साथ बातचीत के बाद अब फीको भी अपनी 40 एसोसिएशनों के साथ इस धरने में कूद पड़ी है। कल यानी 17 अप्रैल को ब्लैक डे के तौर पर मनाने काे शहर की अहम एसोसिएशनों से जुड़े कारोबारी सफेद रंग की शर्ट पहन धरने में शामिल होंगे और सरकार के खिलाफ रोष जताने को शर्ट पर ब्लैक रंग का टैग लगाएंगे। वहीं कारोबारी धरने में आकर न बैठें, इसके लिए अंदरखाते उन्हें सोमवार को वैट रिफंड अदायगी किए जाने के आश्वासन भी मिलने शुरू हो गए हैं। इसलिए अभी कारोबारियों के रोष प्रदर्शन की संभावनाएं बनी हुई हैं और इसका फाइनल फैसला रविवार शाम को होने वाली मीटिंग में लिया जाएगा।

एक जुलाई, 2017 के बाद से प्रदेश में वैट खत्म कर जीएसटी सिस्टम लागू कर दिया गया था और इसके बाद से इंडस्ट्री को न पहले का वैट रिफंड किया गया और न ही इसके बाद इंडस्ट्रियलिस्ट्स को जीएसटी का ही रिफंड दिया गया है। वैट रिफंड को लेकर इंडस्ट्री की परेशानियां इसलिए बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि बिजनेस करने को इंडस्ट्रियलिस्ट्स के पास जो लिक्विडिटी फंड होता है, वो धीरे-धीरे वैट और जीएसटी रिफंड से वापस नहीं आ रहा है। इसके चलते अब इंडस्ट्री के खर्च पर ब्रेक लगने लगी गई है। शहर में 150 से अधिक इंडस्ट्री ऐसी हैं, जिनका एक-एक करोड़ से अधिक का जीएसटी रिफंड अटका हुआ है। 31 मार्च से पहले डिपार्टमेंट ने करीब 80 करोड़ का वैट रिफंड अदा करने को कुछ फाइलें जिला रेवेन्यू अफसर को भेजी थीं, लेकिन वित्त विभाग से फंड की मंजूरी न मिलने से ये फाइलें वापस लौट गईं।

रिफंड न मिलने से अब लगने लगी इंडस्ट्री के खर्च पर ब्रेक

सरकार सेनाराजगी जताते फीको के ओहदेदार गुरमीत कुलार, केके सेठ।

सरकार वैट रिफंड पर जैसे सो गई है

हमारी एसोसिएशन का करीब 100 करोड़ रुपए का वैट रिफंड पेंडिंग है। सरकार वैट रिफंड पर जैसे सो गई है, ऐसा लगने लगा है। रिफंड न मिलने के चलते छोटी-छोटी इंडस्ट्री के अदायगी न होने के चलते अब काम रुकने लगे हैं। अभी इंडस्ट्री चुप रहकर धरना देगी, लेकिन अगर सरकार इस पर भी नहीं जागती है तो सड़क पर उतरने में भी इंडस्ट्री पीछे नहीं रहेगी। -जीएस काहलों, प्रधान आॅटो पार्ट्स मेन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।

87 करोड़ का वैट रिफंड नाकाफी

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जो पंजाब के लिए 87 करोड़ रुपए का वैट रिफंड देने का एेलान किया गया है, वो ऊंट के मुंह में जीरा डालने वाली बात है। केवल लुधियाना शहर की इंडस्ट्री का 800 करोड़ रुपए का वैट रिफंड अटका हुआ है। सरकार को पहल के आधार पर इंडस्ट्री को राहत देने के लिए बकाया अदायगी तुरंत करनी चाहिए। -राजकुमार सिंगला, प्रधान फास्टनर सप्लायर एसोसिएशन।

केवल फीको और इससे जुड़ी एसोसिएशनों के 500 करोड़

केवल फीको और इससे जुड़ी एसोसिएशनों से संबंधित इंडस्ट्री का करीब 500 करोड़ रुपए का बकाया वैट रिफंड खड़ा है। इंडस्ट्री की 50 फीसदी लिक्विडिटी वैट और जीएसटी रिफंड में फंस चुकी है और अब इनका चक्का जाम होने की स्थिति आ खड़ी है। इस प्रोटेस्ट के जरिए इंडस्ट्री सोई हुई सरकार को जगाना चाहती है। -गुरमीत सिंह कुलार, प्रधान फीको।

खबरें और भी हैं...