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पंजाबी साहित्य अकादमी के चुनाव में दिखा मेले जैसा माहौल

3 वर्ष पहले
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वोटिंग से जरूरी कुछ नहीं... नामवर कवि, फोटोग्राफर व पेंटर सवर्णजीत सवि जैसे मतदाता भले ही रुटीन लाइफ में बिजी रहते हैं, लेकिन अकादमी के चुनाव के लिए वक्त निकालकर वोटिंग करने पहुंचे।

वोट डालना जरूरी है... अकादमी के लाइफ मेंबर तेग बहादुर सिंह तेग बीते दिनों आंखों के ऑपरेशन के बावजूद वोटिंग करने पहुंचे। चश्मा उतारकर गौर से बैलेट पेपर का जायजा लेते उनका जज्बा देखते बना।

वोटर और सपोर्टर.... पंजाबी भवन के गेट पर ही तमाम उम्मीदवारों व उनके सपोर्टरों ने डेरा जमा रखा था। जैसे ही वोटर गेट से दाखिल होने लगे तो उनको उम्मीदवारों के कार्ड थमाकर सहयोग की अपील करने लगते थे।

यहां भी नारी शक्ति... वोट डालने पहुंची महिला साहित्यकार-लेखिकाएंं मिलीं तो पहले आपस में और फिर चेतना प्रकाशन के प्रमुख सतीश गुलाटी संग साहित्यिक चर्चा करने लगीं।

मौके का फायदा... वोट डालने आए एसडीएम जगराआें और साहित्यकार राम सिंह कुछ वक्त निकालकर चेतना प्रकाशन पहुंच छपकर आई अपनी नई पुस्तक का जायजा लेते हुए। साथ ही पूर्व ईटीआे और साहित्यकार डॉ. दर्शन गिल, पूर्व प्रिंसिपल डॉ. सुरजीत सिंह भट्टी, कंवलजीत नीलों, प्रो. बलवंत सिंह संधू, निर्मल जौड़ा, डॉ. रघुबीर आपस में साहित्यिक जगत को लेकर चर्चा करते हुए। फोटो : भास्कर

कड़ी निगरानी... चुनाव के दौरान पूरी तरह पारदर्शिता रहे, लिहाजा पंजाबी भवन के ऑडिटोरियम में बने बूथ पर चुनाव अधिकारियों की टीम डटी रही। मुख्य चुनाव अधिकारी मलकीयत सिंह औलख, सहायक चुनाव अधिकारी डॉ. कुलविंदर कौर मिन्हास व सलाहकार चुनाव अधिकारी प्रिंसिपल प्रेम सिंह बजाज की नजर रही।

लंगर सेवा... अकादमी के चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी नामधारी संप्रदाय ने बाकायदा लंगर लगाया था।

पंजाबी भवन के मेन गेट के पास वोटरों की पर्ची बनाने का काउंटर लगाया गया था, जहां से वोटर पर्ची जारी हो रही थी।

ऐसे बनी जीत की राह... प्रेसिडेंट पोस्ट के उम्मीदवार प्रो. रविंदर भट्ठल वोटिंग के दौरान लगातार वोटरों के बीच मूवमेंट करते रहे। एक-एक वोटर से सहयोग की अपील करने वाली उनकी कोशिश रंग भी लाई और नतीजे आए तो जीत का सेहरा इनके ही सिर बंधा।

जोश देखने लायक... शहर के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर ब्वॉयज की पूर्व प्रो. तेज कौर दर्दी 89 साल की उम्र में भी वोटिंग करने पहुंचीं। मदद के लिए उनके बेटे डॉ. अमरजीत सिंह दुआ साथ थे, जो नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर हैं।

किन्नू-किन्नू पाए वोट... बुजुर्ग साहित्यकार ज्ञानी गुरुदेव सिंह निहालवाला वोट डालकर बूथ से बाहर आए तो परिचित हालचाल मालूम करने लगे। आपस में यही जानने की कोशिश रही कि किस-किस पोस्ट पर किस उम्मीदवार को वोट डालकर आए हैं।

मुलाकात... वोटिंग के दौरान बूथ के बाहर वोटरों से सहयोग की अपील कर रहे प्रेसिडेंट पोस्ट के उम्मीदवार डॉ. तेजवंत सिंह गिल को मिले कुछ पुराने आेहदेदार व साहित्यकार तो यादगार तस्वीर बनवाने लगे। इसमें अकादमी के तत्कालीन प्रेसिडेंट डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा, साहित्यकार सुखजीत और अन्य शामिल रहे।

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