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डैपो संग लोक लहर बना नशे का खात्मा संभव: सीपी

3 वर्ष पहले
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सीजेएम डॉ. गुरप्रीत कौर ने दी महिला आरोपियों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी

सिटी रिपोर्टर | लुधियाना

एक्यूपंचर प्रणाली से लोगों की सेवा में जुटी डाॅ. डीएन कोटनिस हेल्थ एंड एजुकेशन सेंटर (चेरिटेबल एक्यूपंचर अस्पताल) ने नशे और उससे होने वाली बीमारियों से निजात पाने के लिए पुलिस प्रशासन, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी चंडीगढ़, एनजीओ के साथ मिलकर एक सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में मुख्य मेहमान पुलिस कमिश्नर लुधियाना डाॅ. सुखचैन सिंह गिल, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्टे्रट डाॅ. गुरप्रीत कौर, एडिशनल डायरेक्ट हेल्थ डाॅ. मनप्रीत कौर छत्तवाल, इकबाल सिंह गिल, पंजाब स्पेशल सेल चंडीगढ़, स्कूल संघ के उपाध्यक्ष डीएस बेदी थे। सीपी डाॅ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि ड्रग्स को कंट्रोल करना किसी एक सेक्टर की बस की बात नहीं है। इसके लिए पुलिस, हेल्थ, प्रशासन, एनजीओ, पालिटिकल लोगों और समाज सबको मिलकर अपना योगदान डालना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा (ड्रग इफेक्ट प्रिवेंशन ऑफिसर) डैपो कार्यक्रम की शुरुआत इसका हिस्सा है, क्योंकि अकसर गांव-पुराने इलाके में लोगों को पता होता है कि कौन नशा करता है, लेकिन कोई भी बताने के लिए तैयार नहीं होता। डैपो वाॅलंटियर्स गांव और इलाके के होंगे तो वह नशा पीड़ित की समस्या से लेकर हर प्रकार की जानकारी से अवगत होंगे और यहां तक कि नशे की सप्लाई और डिमांड दोनों को बंद करवाने में सहायक होंगे। नशे की समस्या के हल के लिए इंफोर्समेंट, रिहेबलिटेशन और अवेयरनेस बहुत जरूरी है।

वहीं सीजेएम डॉ. गुरप्रीत कौर ने एनडीपीएस और नशे से संबंधित मामले की महिला आरोपियों के कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को इसकी जानकारी संबंधित आरोपी के परिवार को देनी होती है और महिला आरोपी के मामले में साथ में महिला पुलिस कांस्टेबल का होना बेहद जरूरी है। सेमिनार में डाॅ. मीनू, डाॅ. धीर, एडवोकेट केआर सीकरी, डाॅ. वाईएस सूच, डीएस बेदी, पार्षद प्रेम लता शर्मा, वीके खुल्लर, बलराज खन्ना, कीमती रावल, अश्वनी सुधेरा सहित कई लोग मौजूद थे।

डाॅ. डीएन कोटनिस हेल्थ एंड एजुकेशन सेंटर ने पुलिस प्रशासन, एनजीओ के सहयोग से कराया सेमिनार

डाॅ. डीएन कोटनिस हेल्थ सेंटर में सेमिनार की शुरुआत करते सीपी डॉ. गिल और अन्य।

नशा करने वाले करीब 60 से 70 हजार लोग

डाॅ. डीएन कोटनिस हेल्थ एंड एजूकेशन सेंटर (चेरिटेबल एक्यूपंचर अस्पताल) में आयोजित सेमिनार के दौरान अपने संबोधन में एडिशनल डायरेक्ट हेल्थ डाॅ. मनप्रीत कौर छत्तवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पूरे इलाके में 60 हजार से 70 हजार के करीब नशा करने वालों का आंकड़ा मौजूद है। इन लोगों में हेल्थ विभाग केवल 13 हजार से 14 हजार नशा करने वालों पर ही काम कर पा रहा है, क्योंकि नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से अभी तक इसकी ग्रामीण एरिया में मैपिंग नहीं की गई है और दूसरी ओर शहरी इलाकों में ही इस पर काम हो रहा है। एडिशनल डायरेक्ट हेल्थ डाॅ. मनप्रीत कौर छत्तवाल ने बताया कि नशेड़ियों को इंजेक्शन सीरिंज देने का मकसद जहां उन्हें एचआईवी जैसी खतरनाक बीमारी के प्रकोप से बचाना होता है, वहीं उन्हें इंजेक्ट से ओरल की ओर लाना है, ताकि वे इंजेक्शन से नशा न लें और ओरल से नशे की मात्रा को धीरे-धीरे काउंसलिंग के जरिए कम करके उन्हें एक नार्मल जीवन में वापस लाया जा सके।

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