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तीन करोड़ का पेड अप कैपिटल दिखाकर आपकी कंपनी की हो सकती बीएसई एसएमई में लिस्टिंग

3 वर्ष पहले
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सबसे पहले ऐसी कंपनी जिसकी बैलेंस शीट में सभी तरह के खर्च निकालकर इसमें अगर पेड अप कैपिटल 3 करोड़ रुपए से अधिक है तो वे कंपनी बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्ट करवाने के लिए वेलिड है। इसके बाद एक बैंक मर्चेंट की ओर से आपकी कंपनी की वेल्यूएशन तय कर इसका शेयर प्राइज फिक्स कर दिया जाता है। इसके बाद आपको कुल वेल्यूएशन के 25 फीसदी शेयर बेचने पड़ते हैं। इसके बाद शेयर होल्डर्स का प्रॉफिट आपकी कंपनी की ग्रोथ और एक्सपेंशन पर निर्भर करेगा। आपकी कंपनी की बेहतर बैंलेंस शीट से शेयर के प्राइज में भी इजाफा होता चला जाएगा।

अभी तक स्मॉल मीडियम इंडस्ट्री में लुधियाना की एक कंपनी हुई है लिस्ट, पूरे देश से करीब 250

कंपनी लिस्ट होने के बाद पब्लिक को बेचने होंगे 25 फीसदी शेयर

बिजनेस रिपोर्टर | लुधियाना

अगर आप स्मॉल व मीडियम इंडस्ट्री के मालिक हैं तो आपकी इंडस्ट्री भी भविष्य में एक बड़ा ब्रांड बनकर उभर सकती है। इसके लिए आपको अपनी कंपनी बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्ट करानी होगी। इसके लिए आपको कई सौ करोड़ रुपए की जरूरत नहीं, केवल आपकी बैलेंस शीट में तीन करोड़ रुपए का पेड अप कैपिटल होना चाहिए और तीन से चार महीने के भीतर आपकी कंपनी बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्ट हो जाएगी। आपकी कंपनी की कुल वेल्यू के लिहाज से आपको इसके 25 फीसदी शेयर पब्लिक में बेचने होंगे और इसके बाद आपकी कंपनी ग्रोथ और बढ़ता मुनाफा पब्लिक को बेचे शेयर की ग्रोथ तय करेगा। अभी तक बीएसई एसएमई एक्सचेंज के पास पूरे देश से करीब 250 स्मॉल-मीडियम इंडस्ट्री की ओर से अपनी लिस्टिंग करवाई गई है। इनमें लुधियाना से इंडस्ट्री एरिया ए स्थित सुपर फाइन निटर्स लिमिटेड नाम की स्मॉल कंपनी ने लिस्ट हुई है। एक्सचेंज में लिस्ट करवाने में करीब 35 से 40 लाख रुपए तक का खर्च आ जाता है।

कंपनी लिस्टिंग की ये है प्रक्रिया

मेरी कंपनी वर्ष 2017 में बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी और 12 रुपए के रेट पर करीब 4.68 करोड़ रुपए के शेयर पब्लिक को बेचे थे। इसके बाद कंपनी का शेयर 19.60 रुपए तक का हाई लगा चुका है। लिस्टिंग के बाद जहां कंपनी की ब्रांड वेल्यू बढ़ी है, वहीं कंपनी पर आम पब्लिक की भी निगाह है तो इससे अधिक से अधिक मेहनत करने का उत्साह बना रहता है। लिस्टिंग के बाद अगर आपकी कंपनी की बैलेंस शीट बढ़िया होती जाती है तो आपको कंपनी की एक्सपेंशन में बेहद कम रेट पर बैंक से लोन मिल जाता है। -अजीत लाकड़ा, एमडी सुपर फाइन निटर्स लिमिटेड एंड एक्सपर्ट।

जीएसटी लागू होने के बाद बीएसई एसएमई एक्सचेंज में कंपनी लिस्टिंग की बढ़ी संभावना

जीएसटी लागू होने जाने के बाद अब स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री की ओर से बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्टिंग की संभावना बेहद बढ़ गई है। जीएसटी लागू होने के बाद अब अच्छे टर्नओवर और बेहतर मुनाफे वाली कंपनियों में कच्चे पक्के में सेल परचेज का काम पूरी तरह से बंद हो गया है और अब हर मटीरियल की पेमेंट्स चेक और आरटीजीएस के जरिए ही की जा रही हैं। ऐसे में इंडस्ट्री का पूरा काम एक नंबर में होने के चलते ऐसी इंडस्ट्री को भी अब लिस्टिंग करवाने में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना होगा। इसका बेहतर रिस्पांस लुधियाना मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से पार्क प्लाजा में बीएसई एसएमई एक्सचेंज की लिस्टिंग को रखे सेमिनार में भी देखने को मिला। जहां चार के करीब कंपनियों ने इस सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद बीएसई एसएमई एक्सचेंज के हेड अजय ठाकुर के समक्ष अपनी कंपनी लिस्टेड करवाने की इच्छा जाहिर की है। ये सभी कंपनियां प्राइवेट लिमिटेड हैं।

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