‘घराट आटा चक्की की रोटियां होती हैं नरम’
लुधियाना| श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा स्थापित प्रथम घराट जैसी आटा चक्की को देखने के लिये एचएमसी हॉस्पिटल के डॉ व्योम भार्गव और विनोद जैन ‘गोयम’ आज जैन धार्मिक सेवा केंद्र दरेसी में पहुंचे। यह आटा चक्की पुराने जमाने के घराट जितनी धीमी गति पर कुदरती पत्थरों द्वारा चलती है। इसके पीसे आटे की रोटियां अत्यंत नरम,स्वादिष्ट और गेहूं की कुदरती मिठास और प्राकृतिक गुणों को बरकरार रखती हैं। इस अवसर पर संदीप जैन, मनोज जैन, राकेश जैन, राकेश खरबंदा, सिद्धार्थ जैन, श्रैणिक जैन और योग गुरु यश नारायण मौजूद थे।